उत्तराखंड में पहली मेडिटेक सिटी बनाने के लिए सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ टेक्नोलॉजी विशाखापटनम से मेडिटेक सिटी के लिए जगह का चयन और डिजाइनिंग में परामर्श लिया जाएगा। इसके लिए सिडकुल ने इंस्टीट्यूट के साथ एमओयू किया है। देहरादून के आसपास मेडिटेक सिटी बनाने के लिए सिडकुल की जमीन चिन्हित की जा रही है।
सरकार का उत्तराखंड में हेल्थ केयर सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर फोकस है। इसके तहत प्रदेश में मेडिटेक सिटी बनाने की योजना है। मेडिटेक सिटी से फार्मा इंडस्ट्री को भी सुविधाएं मिलेगी। वहीं, प्रदेश में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। मेडिटेक सिटी विकसित करने के लिए सिडकुल ने कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ टेक्नोलॉजी विशाखापटनम के साथ एमओयू किया है। मेडिसिटी के लिए भूमि का चयन, डिजाइन बनाने में इंस्टीट्यूट से परामर्श लिया जाएगा। बता दें कि प्रदेश में अभी तक मेडिटेक सिटी नहीं है। प्रदेश में पहली मेडिटेक सिटी बनने से सेलाकुई, हरिद्वार औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित फार्मा उद्योगों को सुविधाएं मिलेगी।
मेडिटेक सिटी के लिए कलाम इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ टेक्नोलॉजी से कंसलटेंसी सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए सिडकुल ने इंस्टीट्यूट के साथ एमओयू किया है। मेडिटेक सिटी के लिए स्थान और डिजाइन इंस्टीट्यूट के परामर्श पर तय किया जाएगा।
- एसए मुरुगेशन, प्रबंध निदेशक, सिडकुल
हेल्थ केयर में 16890 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश सरकार ने हेल्थ केयर सेक्टर में 16890 करोड़ के निवेश पर एमओयू किया है। इस निवेश से प्रदेश में 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।