जिससे लगता है कि किसी ने यहां आग सुलगाई। कुछ ही देर में आग तेजी से फैल गई। आग में वन संपदा धू धू करके जलने लगी। आग विकराल होने पर जंगल में मवेशी ले गए लोग किसी तरह वापस लौटे। प्रभागीय वनाधिकारी संतराम ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया।
उनकी मदद के लिए दूसरी टीम भी भेजी जा रही है। इस साल ठीक ठाक बारिश होने और लॉक डाउन के दौरान पर्यावरण में सुधार होने की वजह से दावानल की घटनाएं कम हुई हैं। पिछली बार इस समय तक लगभग 2 हजार हेक्टयर जंगल आग में जली थे।
इस बार अभी तक लगभग डेढ़ सौ हेक्टयर जंगल ही जला है। डीएफओ स्तर पर लगातार इसकी मोनिटरिंग चल रही है। वन पंचायतों के माध्यम से आग बुझाने का कार्य चल रहा है। हमारी कोशिश है कि आग फैले नहीं।
-डा. हरक सिंह रावत , वन मंत्री उत्तराखंड सरकार