खर्च का आधा वेतन-पेंशन पर
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार के कुल राजस्व व्यय यानी कुल बजट का 50 फीसदी वेतन और पेंशन पर खर्च हो रहा है। वर्ष 2016-17 तक इस खर्च का अनुपात राजस्व व्यय का 50 प्रतिशत था, जो सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद 55 फीसदी तक हो गया। 2022-23 के बजट में 54.83 फीसदी तक का अनुमान है। इस वित्तीय वर्ष में 21,867 करोड़ रुपये वेतन एवं पेंशन पर खर्च का अनुमान है।
आय बढ़ाने का दबाव, केंद्र से जुटाना होगा अनुदान
आर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि राज्य सरकार को अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए आय में बढ़ोतरी करनी होगी। उसे उन क्षेत्रों का चुनाव करना होगा, जहां से सरकार को अधिक आय प्राप्त हो सकती है। इसके अलावा केंद्र सरकार से ज्यादा से ज्यादा अनुदान हासिल करने के लिए उसे समयबद्ध, रणनीतिक और लगातार प्रयास करने होंगे।
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5 साल में 86 हजार करोड़ अनुदान लेने का अनुमान
राज्य सरकार ने केंद्र पोषित योजनाओं में अगले पांच साल में करीब 86 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त करने का अनुमान लगाया है। आयोग ने राज्य वित्त का जो मूल्यांकन किया है, उसके मुताबिक अनुमान है कि राज्य सरकार 2023-24 से लेकर 2026-27 तक की अवधि में प्रत्येक वर्ष औसतन 21 हजार करोड़ रुपये के हिसाब से अनुदान जुटा सकती है।
कर्ज लेने का पूर्वानुमान
वर्ष कर्ज (करोड़ में)
2022-23 8982
2023-24 9855
2024-25 10810
2025-26 11855
2026-27 12994
(नोट: 2021-22 तक 73,477.72 करोड़ का कर्ज हो चुका है)