फास्ट फूड और मुलायम खाना खाने से आपके छोटू (संतान) का मुंह छोटा होता जा रहा है। ऐसे में जब आपका छोटू जवान होगा तो उसके मुंह में बत्तीसी नहीं होगी। यदि 28 के बाद दांत निकले भी तो काफी कष्टकारक होंगे।
बच्चों को मुलायम तथा फास्ट फूड से दूर ही रखें
जानकारों का मानना है कि यदि अपनी संतान के मुंह में बत्तीसी देखना चाहते हैं तो उसे चबाने वाली चीजें खिलाएं और मुलायम तथा फास्ट फूड से दूर ही रखें।
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इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) के नेशनल ओरल हेल्थ प्रोग्राम के एक सर्वेक्षण में यह तथ्य उजागर हुआ है कि खानपान की गड़बड़ी से बच्चों का जबड़ा छोटा होता जा रहा है। जबड़े के संकरे होने से अक्कल दाढ़ के लिए मुंह में जगह नहीं बच रही है। मुंह में बत्तीस की जगह अट्ठाइस दांत ही आ पाएंगे।
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आईडीए ने देश भर में 10 हजार कैंप लगवाए थे। ओरल हेल्थ प्रोग्राम के चेयरमैन डा. केपी शर्मा ने बताया कि कैंपों में स्कूली बच्चों के दांतों का परीक्षण किया गया। पांच लाख स्कूली बच्चे कैंप में आए थे।
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इनकी जांच की गई तो 98 फीसदी बच्चों के जबड़ों में संकरेपन के लक्षण मिले। कैंप वर्ष 2013 में लगे थे। इनमें 5 से 18 वर्ष की उम्र के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। जबड़ा सिकुड़ने की मुख्य वजह मुलायम खाना पाया गया। ज्यादातर बच्चे फास्ट फूड और दूसरी सॉफ्ट चीजें खाते थे।
जबड़े में सिकुड़न आने लगती है
इसकी वजह से जबड़े का व्यायाम नहीं हो पाता है और इसमें सिकुड़न आने लगती है। जबड़ा सिकुड़ने से चार दांतों के लिए जगह कम पड़ जाएगी। इसका असर 18 साल की उम्र के बाद निकलने वाली अक्कल दाढ़ पर पड़ रहा है।
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शर्मा ने बताया कि जबड़ा छोटा होने से एक तो अक्कल दाढ़ निकल नहीं पाती। निकली भी तो टेढ़ी-मेढ़ी निकलती है, जिसकी वजह है मुंह में घाव हो जाता है, जिससे अल्सर होने का खतरा रहता है। बाद में यह कैंसर में परिवर्तित हो सकता है।
सॉफ्ट डाइट लेने से मुंह का व्यायाम नहीं हो पाता। इससे मुंह का ब्लड सरकुलेशन प्रभावित होता है। इससे जबड़ों की ग्रोथ प्रभावित होती है। 32 दांत के लिए जगह नहीं बन पाती।
- डॉ. चारू बहुगुणा, दंत रोग विशेषज्ञ
कुदरत ने जबड़ों को सख्त चीजें चबाने के लिए बनाया है। मुलायम चीजें खाने से जबड़ों पर जोर नहीं पड़ता और इनका व्यायाम नहीं हो पाता है। जबड़ा पूरा फैल नहीं पाता, जिससे विकास रुक जाता है।
- डॉ. जेडीएस राणा, अपर निदेशक दंत चिकित्सा