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ट्रैक्टर-टॉली लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे किसान, प्रर्दशन कर दिया धरना

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गन्ने का पिछला भुगतान शीघ्र करने सहित विभिन्न नौ सूत्री मांगों को लेकर भाकियू तोमर गुट के किसानों ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर धरना दिया। ट्रैक्टर ट्राली और वाहनों को लेकर डीएम ऑफिस पहुंचे किसानों ने चेतावनी दी कि अगर 10 दिन के अंदर मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकाल धरना दिया जाएगा।
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भाकियू तोमर के प्रदेश अध्यक्ष सोमदत्त शर्मा और मंडल प्रभारी लाल सिंह गुर्जर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान यूनियन ट्रांसपोर्ट नगर कार्यालय में एकत्रित हुए। वहां से ट्रैक्टर ट्रालियों और निजी वाहनों ने किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय के लिए कूच किया। पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉलियों और वाहनों को आईएसबीटी चौक पर रोक लिया। इसके बाद दो ट्रॉलियों और कुछ वाहनों को ही जिलाधिकारी कार्यालय जाने की अनुमति दी गई। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर किसानों ने मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और धरना दिया। इस दौरान किसानों ने कहा कि गन्ना भुगतान, धान क्रय केंद्रों पर उत्पीड़न को बंद करने आदि मांगों को लेकर ज्ञापन देने की बात कही। इसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस दौरान किसानों ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर 10 दिनों के मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद किसान जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे। इस दौरान प्रदेश प्रवक्ता अरुण शर्मा, उपाध्यक्ष राजीव मलिक, नितिन राठी, नरेंद्र चौहान, राजेश कुमार, सतीश सैनी, पीतांबर शर्मा, मरसलीन, वसीम खान, शादाब अली, सेफ मलिक, सतेंद्र अभिषेक राणा सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
किसानों की मांगें
- गन्ने का पिछला भुगतान मय ब्याज सहित किया जाए और नए सत्र में गन्ने का समर्थन मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
- धान क्रय केंद्रों पर किसानों का उत्पीड़न बंद किया जाए। सिंचाई को फ्री किया जाए और कृषि यंत्रों को टैक्स फ्री किया जाए।
- कृषि कार्यों के लिए बिजली फ्री की जाए और आम जनता के लिए भी 200 यूनिट बिजली फ्री किया जाए।
- चेकिंग के नाम पर किसानों का उत्पीड़न बंद किया जाए।
- सिंचाई के लिए सरकारी ट्यूबेलों से 50 रुपये प्रति घंटा पानी दिया जा रहा है, इसे तत्काल बंद किया जाए।
सिटी मजिस्ट्रेट से हुई नोक-झोंक
बिना अनुमति से किसान जिलाधिकारी कार्यालय पर धरने पर पहुंचे थे। इसके कारण सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान ने उन्हें काफी देर तक अनुमति नहीं दी। इससे सड़क पर बाहर जाम की स्थिति बन गई। इसको लेकर किसानों और सिटी मजिस्ट्रेट के बीच जमकर नोक-झोंक भी हुई। किसानों ने कहा कि वह दिल्ली में भी बिना अनुमति के धरने पर बैठे हैं। यहां भी धरने पर बैठेंगे।
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