इधर, मामले में रविवार को बूटा सिंह की पत्नी शुभजीत कौर ने कोतवाली में दी तहरीर में कहा कि तहसीलदार और उनकी टीम वसूली के बहाने जबरदस्ती उनके घर में घुस आई। टीम ने गालीगलौज कर महिलाओं के साथ अभद्रता और छेड़छाड़ की। खेत से घर पहुंचे उनके पति ने जब इसका विरोध किया तो टीम ने उन्हें पकड़ लिया और जबरन जीप में बैठाने लगे। अभद्रता और छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं कर पाने से पति ने जहर खा लिया।
शुभजीत कौर के मुताबिक घटना के बाद तहसीलदार टीम के साथ दोबारा उनके घर पहुंचे और जान से मारने की धमकी देकर चले गए। शुभजीत कौर ने बताया कि उनके पति पीलीभीत के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टरों ने ने अभी उनकी हालत गंभीर बताई है। रविवार को भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष गुरसाहब सिंह गिल समेत कई किसानों ने अस्पताल पहुंचकर भर्ती बूटा सिंह का हाल जाना।
डियोढार गांव में वसूली को गई तहसीलदार और उनकी टीम के किसान और उसके परिजनों के साथ कथित रूप से अभद्रता एवं छेड़छाड़ करने पर किसान ने जहरीले पदार्थ खाने के मामले में क्षेत्र के किसान बूटा सिंह के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने घटना के विरोध में कोतवाली गेट पर प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी किसानों ने तहसीलदार और उनकी टीम की ओर से किसान और उसके परिजनों के साथ जोर जबरदस्ती की निंदा की। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनिरुद्ध राय ने कहा कि किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष गुरसाहब सिंह गिल ने कहा कि किसान बूटा सिंह ने बीते नवंबर में तहसील पहुंचकर संग्रह अमीन से मिलकर वसूली से संबंधित न्यायालय के कागजात सौंपे थे और वसूली स्थगित करने की मांग की थी। कार्रवाई न होने पर किसानों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।