रोमल ने उस भयानक दिन को याद करते हुए बताया कि 'वह तालिबानियों का शक्ति प्रदर्शन करने का तरीका था। जिसे याद कर आज भी मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। उस हादसे के बाद में पूरी तरह से हिल गया था और मैंने कई दिनों तक किसी से बात नहीं की। उस दिन बेगुनाहों का खून बहते देख मैंने सेना में भर्ती होने का संकल्प लिया।'
रोमल अपने माता-पिता की अकेली संतान हैं और इस वजह से उनके इस फैसले का परिवारजनों ने खासा विरोध किया, लेकिन वह अपने संकल्प पर टिके रहे। रोमल ने बताया कि 'हर वक्त बच्चों और औरतों की चीखें उनके कान में गूंजती रहती थी और उन्हें तालिबानियों के खिलाफ लड़ने का साहस देती थीं।' अपने इसी दृढ़ संकल्प से आज रोमल अफगान आर्मी में सैन्य अफसर बन गए हैं।
रोमल चाहते हैं कि अफगानिस्तान के ज्यादा से ज्यादा युवा सेना में भर्ती हों, जिससे आतंकवादियों का सफाया हो सके। एक साल तक ऑस्ट्रेलियन आर्मी में अनुवादक का काम करने के बाद रोमल ने एनडीए परीक्षा पास की और आईएमए देहरादून पहुंच गए। यहां अब 21 साल की उम्र में रोमल का संकल्प पूरा हो गया और वह अफगान राष्ट्रीय सेना की कमान संभालने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
आईएमए देहरादून में आयोजित हुए पासिंग आउट परेड में न केवल भारत बल्कि सात मित्र राष्ट्रों के भी 80 कैडेट्स पास आउट होकर अपने देश की सेना में अफसर बन गए।
इनमें अफगानिस्तान के सबसे ज्यादा 46 कैडेट्स, भूटान के 15, मालदीव के पांच, नेपाल के दो, श्रीलंका के दो, ताजिकिस्तान के पांच और वियतनाम के दो कैडेट्स शामिल हैं। विदेशी कैडेट्स में से 66 डायरेक्ट एंट्री और 14 एक्स एनडीए हैं।
शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से पास आउट होकर 347 युवा भारतीय सेना में अफसर बन गए। परेड से कुल 427 कैडेट्स पासआउट हुए। उप सेना प्रमुख ले. जन. देवराज अन्बु ने परेड की सलामी लेने के बाद कैडेट्स में जोश भरा। एकेडमी कैडेट एडजुडेंट अर्जुन ठाकुर को सोर्ड ऑफ ऑनर सम्मान से नवाजा गया।
शनिवार को आईएमए की ऐतिहासिक चेटवुड बिल्डिंग के सामने ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल करते हुए 347 भारतीय और सात मित्र राष्ट्रों के 80 जेंटलमैन कैडेट्स ने अंतिम पग पार किया।
143 रेगुलर और 126 टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की परेड का नेतृत्व एकेडमी कैडेट एडजुडेंट अर्जुन ठाकुर ने किया। ड्रिल स्क्वायर पर कदमताल और अनुशासन की झलक देखकर सभी दर्शकों ने तालियों के साथ कैडेट्स का हौसला बढ़ाया। उप सेना प्रमुख ले. जन. देवराज अन्बु ने परेड की सलामी ली। इसके बाद यंग ऑफिसर को शुभकामनाएं दी।