वहीं से चंदन सिंह ने अपने घर फोन किया। घर से फोन नहीं उठने की बात कहकर चंदन सिंह ने कुछ सामान पूर्व प्रधान के पास रखवा दिया और कुछ सामान अपने साथ घर ले गया। बताया जा रहा है कि इसके बाद चंदन सिंह दोबारा बचा हुआ सामान लेने पूर्व प्रधान के पास पहुंचा और बाकी का सामान लेकर घर चला गया। घर पहुंचने पर उसने पाया कि दरवाजा अंदर से बंद है।
वह दरवाजा तोड़कर अंदर गया तो देखा पत्नी और बेटा बेसुध थे, जबकि बेटी छटपटा रही थी। इस पर वह तुरंत पूर्व ग्राम प्रधान के पास गया और उन्हें बताया कि उसकी पत्नी गंगा देवी (39), बेटे अजय सिंह (14) और बेटी आशा (17) ने जहर खा लिया। इसके बाद गांव वाले चंदन सिंह के घर पहुंचे।
ताकुला से फार्मासिस्ट को भी बुलाया गया। इस दौरान मां और बेटे की मौत हो चुकी थी, जबकि बेटी आशा को तत्काल ताकुला स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से उसे अल्मोड़ा रेफर कर दिया गया। मृतका गंगा देवी और अजय सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए अल्मोड़ा लाया गया है। ग्रामीणों ने रात में ही पुलिस को भी फोन किया गया लेकिन पुलिस शुक्रवार सुबह पर पहुंची।
ताकुला चौकी प्रभारी गोविंद मेहता ने बताया कि घटना बृहस्पतिवार रात की है। परिवार के मुखिया चंदन बिष्ट के घर आने और उसके पत्नी और बच्चों के जहर खाने का समय लगभग एक ही है। बताया जा रहा है कि तीनों ने जहर खाने के बाद पंखे से लटकने की भी कोशिश की।
चौकी प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक कलह का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घायल आशा के बयान के बाद ही सही जानकारी मिल सकेगी। चौकी प्रभारी ने बताया कि चंदन सिंह फिलहाल बेटी के साथ अस्पताल में हैं। इस घटना से पूरा गांव स्तब्ध है।
अस्पताल में भर्ती बेटी से मिलने गया पिता
चंदन सिंह की 17 वर्षीय पुत्री आशा जिला अस्पताल में भर्ती है। गांव के पूर्व प्रधान के अनुसार शाम के समय चंदन सिंह अपनी बेटी से मिलने भी गया। चंदन सिंह का बेटा आठवीं पास था, जबकि बेटी ने इसी साल हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षा दी थी और वह फेल हो गई थी।