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बुंदी पहुंचा कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों का पहला जत्था, 13 राज्यों के 58 यात्री हैं शामिल

Sat, 15 Jun 2019 10:24 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)
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कैलाश मानसरोवर यात्री - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पहला दल शुक्रवार को बूंदी पहुंच गया। इससे पूर्व आधार शिविर धारचूला से यात्री नजंग के लिए रवाना हुए, जहां विभिन्न संगठनों ने उनका भव्य स्वागत किया।  दल के लाइजनिंग ऑफिसर विजय कुमार मंत्री के नेतृत्व में यात्री पर्यटक धारचूला आवास गृह के पास एकत्र हुए।

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बीजेपी की महिला कार्यकर्ता राधा मर्तोलिया के नेतृत्व में रं समाज की महिलाओं ने तिलक लगाकर यात्रियों का स्वागत किया। बाद में कुमाऊं मंडल विकास निगम अध्यक्ष केदार जोशी और नगरपालिका अध्यक्ष राजेश्वरी ने यात्रियों को हरी झंडी दिखा आगे के लिए रवाना किया। दल में 13 राज्यों के 58 यात्री शामिल हैं। इनमें नौ महिलाएं हैं। 

यात्राधिकारी दीवान सिंह बिष्ट ने बताया कि यात्री 6.20 बजे वाहनों से करीब तीन घंटे का सफर तय कर 55 किलोमीटर दूर नजंग पहुंचे। इसके बाद नजंग से बोलायर की तीन किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर 12.40 बजे मालपा पहुंचे। इसके बाद 14 किमी की बोलायर, मालपा और लामारी की शाम आठ बजे यात्री बूंदी पहुचे । दल के साथ 30 पोर्टर और 13 पोनी गए हैं। लखनपुर से नजंग तक पांच किमी सड़क बनने से धारचूला से नजंग तक 55 किमी की यात्रा वाहनों से हो रही हैं। यात्रा के साथ उप जिलाधिकारी वरुण अग्रवाल भी नजंग तक गए हैं। 
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हिमालय बचाओ की दिलाई शपथ
उच्च हिमालयी क्षेत्र के लिए रवाना होने से पूर्व निगम के साहसिक पर्यटन अधिकारी दिनेश गुरुरानी ने कैलाश यात्रियों को हिमालय बचाओ की शपथ दिलाई। कहा कि हिमालय को साफ और स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी सभी की है। सभी यात्रियों से रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराए गए। 

नैनीताल के दिनेश परिवार के साथ यात्रा पर 
कैलाश यात्रा में नैनीताल निवासी दिनेश चंद्र अग्रवाल (53) पत्नी सरिता (40), पुत्र अक्षय (26) पहली बार यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार यात्रा के लिए आवेदन किया और भोले की कृपा से उन्हें उनकी नगरी कैलाश की यात्रा का मौका मिला। पूरा परिवार कैलाश की यात्रा से बेहद रोमांचित है। 

बेहद खुश है जयपुर का मिश्रा परिवार  
जयपुर निवासी बीपी मिश्रा (62) पत्नी सुमित्रा (60) और दोस्त संजय शर्मा (58) के साथ पहली बार कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर हैं। उन्होंने बताया कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें भोलेनाथ के दर्शन करने का अवसर मिल रहा है। 
 

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कैलाश मानसरोवर यात्रा में खच्चरों से सामान ढुलान की निविदा पर रोक बरकरार

कैलाश मानसरोवर यात्रियों के सामान ढुलान संबंधित कुमाऊं मंडल विकास निगम की निविदा पर रोक को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने बरकरार रखा है। पूर्व में एकलपीठ ने निविदा प्रक्रिया पर रोक का आदेश जारी किया था। एकलपीठ के इसी आदेश को स्पेशल अपील के जरिए निगम ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। 

कैलाश मानसरोवर यात्रियों की करीब 85 किलोमीटर की पदयात्रा के दौरान यात्रियों के सामान को खच्चरों से ढोया जाता है। इस बार भी यात्रियों के सामान को खच्चरों से ढोने के लिए निगम ने ऑनलाइन निविदा जारी की थी। 

इसी निविदा को एक निविदाकर्ता कुंदन सिंह भंडारी ने हाईकोर्ट की एकलपीठ में चुनौती दी थी। कुंदन सिंह का कहना था कि निगम ने न्यूनतम दर के आधार पर पहले निविदा उनके नाम खोली। बाद में निगम ने  दूसरे निविदाकर्ता अशोक सिंह को यह ठेका कम दर पर दे दिया।  
 
निगम प्रबंधन का यह फैसला ऑन लाइन बिडिंग प्रणाली के विपरीत है। एकलपीठ ने इसी याचिका पर सुनवाई के बाद निविदा पर रोक लगा दी थी। इसी फैसले को निगम ने हाईकोर्ट में स्पेशल अपील के जरिए चुनौती दी थी। कैलाश मानसरोवर यात्रा 12 जून से शुरू हो चुकी है। ऐसे में सामान ढुलान की निविदा पर रोक से यात्रा का संचालन कर रहे केएमवीएन को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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