अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महाराज के आरोपों की गायत्री त्रिवेणी प्रयागपीठ की पीठाधीश्वर आद्य जगतगुरु शंकराचार्य त्रिकाल भवंता सरस्वती महाराज ने निंदा की है। उन्होंने कहा कि श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने आधी आबादी का अपमान किया है।
त्रिकाल भवंता ने कहा कि वह 13 अखाड़ों के मालिक हैं, लेकिन वह भी 20 साल से तपस्या कर रही हैं। परी अखाड़े और उनके प्रति श्रीमहंत नरेंद्र गिरी के बयान निंदनीय हैं। साध्वी ने कहा कि गायत्री त्रिवेणी पीठ प्रयागराज में है। यहां गंगा, जमुना और सरस्वती का नैसर्गिक पीठ है।
पीठ की वो आद्य शंकराचार्य हैं। वर्ष 2014 में महिला अखाड़े का रजिस्ट्रेशन किया गया। वर्ष 2015 में नासिक में शाही स्नान नहीं कर पाए, लेकिन कुछ सुविधाएं मिलीं। उज्जैन, हरिद्वार और प्रयागराज में भी उनको कुछ सुविधाएं दी र्गइं। त्रिकाल भवंता ने कहा कि वह आधी आबादी के सम्मान के लिए आवाज उठाती रहेंगी। आवाज उठाना और समानता का उनका अधिकार है।