पहले बरेली में पैसा पकड़े जाने और अब अपनी भाभी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष अंजुम बेगम के प्रशासनिक-वित्तीय अधिकार सीज करने के बाद से राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहे बहादराबाद के पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद की बसपा में वापसी हो गई है। शनिवार को हरिद्वार के बहादराबाद स्थित एक बारात घर में समर्थकों के साथ शहजाद ने बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दीकी के सामने दोबारा पार्टी की सदस्यता ली।
सभा को संबोधित करते हुए सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने जनता को निराश किया है। उत्तराखंड में बारी-बारी से अपनी सरकार बनाने वाले इन दोनों दलों ने राज्य को कंगाल कर दिया है। जबकि उत्तर प्रदेश इस बात का गवाह है कि जब भी वहां बसपा की सरकार बनी माफिया कहीं दिखाई नहीं दिए।
विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ और कानून का बोलबाला रहा। लेकिन अब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कानून व्यवस्था ध्वस्त है। शहजाद और उनके साथियों का स्वागत करते हुए सिद्दीकी ने कहा कि शहजाद कभी बसपा से बाहर रहे ही नहीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बसपा सुप्रीमो मायावती के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
झाड़ू लगाने की जिम्मेदारी मिली तो वो भी करेंगे
पार्टी में वापसी को लेकर भावुक दिखे शहजाद ने कहा कि वे बसपा के सच्चे सिपाही हैं। पार्टी उन्हें झाडू लगाने की भी जिम्मेदारी देती है तो उसे भी वे खुशी-खुशी करेंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश में अपने एक करोड़ से ज्यादा रुपये पकड़े जाने और जिला पंचायत अध्यक्ष एवं भाभी अंजुम बेगम के अधिकार सीज करने को दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बताया।
कहा कि वे इस साजिश का जनता की अदालत में पर्दाफाश करेंगे। सभा में बसपा के प्रभारी प्रदीप जाटव, कोआर्डिनेटर प्रशांत गौतम, ऋषिपाल गौतम, विधायक सरवत करीम अंसारी, जिला पंचायत अध्यक्ष अंजुम बेगम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नत्थू सिंह, जिलाध्यक्ष मदनपाल, ज्वालापुर के घोषित प्रत्याशी मुल्कीराज आदि ने विचार रखे।
प्रदेश अध्यक्ष सतीश कुमार ने कहा कि पुराने साथियों के आने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी। सभा का संचालन डॉ. नैयर काजमी ने किया।