सरकार के मंत्रियों द्वारा नौकरशाही के बेलगाम होने की बयानबाजी पर पूर्व सीएम व नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पूर्व सीएम ने कहा कि नौकरशाही बेलगाम नहीं है, बल्कि सच तो यह है कि सारे सवार अनट्रेंड है।
मुख्यमंत्री कहते है कि अफसर उनके आदेश की भी जलेबी बना देते है, लेकिन हरीश को यह पता नहीं है कि जो जलेबी बन रही है वह कड़वी है और उससे प्रदेश का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। मुख्यमंत्री को लाचारी दिखाने के बजाय प्रशानिक क्षमता का परिचय देना चाहिए।
भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व सीएम भगत सिंह कोश्यारी ने बातचीत में कहा कि भले ही कम समय मिला हो लेकिन मैं भी इस प्रदेश का मुख्यमंत्री रहा हूं, जितने दिन भी रहा मुझे कभी ऐसी परेशानी से रूबरू नहीं होना पड़ा जिस पर पीड़ा व्यक्त करनी पड़े।
सरकार बेईमान तो वो भी लूट खसोट में लग जाते हैं
नौकरशाही में पचास फीसदी से ज्यादा अफसर ईमानदार होते हैं, 25 प्रतिशत अफसर सरकार के आचरण के साथ चलते है। सरकार ईमानदार तो वो भी सावधान, सरकार बेईमान तो वो भी लूट खसोट में लग जाते हैं। और बाकी भ्रष्ट और अनाचारी होते हैं। हरीश यदि इन्हें भी ठीक नहीं कर पा रहे हैं तो सीएम बनना केवल राज्य के प्रजातांत्रिक इतिहास में नाम दर्ज कराने ज्यादा कुछ नहीं है।
भगतदा ने कहा कि पिछले दिनों से देख रहा हूं, मुख्यमंत्री समेत सारे मंत्री अफसरों को बेलगाम बताकर अपने कर्म छुपा रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, अफसर यदि बेलगाम है तो मतलब साफ है कि सवार बेकार है। शासन में काम करने का तरीका होता है, यदि कोई अफसर फाइल दबाए रखता है या गलत काम करता है तो मंत्री को रूल ऑफ बिजनेस में अधिकार है कि लिखित में जवाब तलब करे। मंत्री अपने सचिव व प्रमुख सचिव की सालाना एंट्री भी लिखता है, फिर ऐसी क्या लाचारी है कि अफसर सुनते नहीं है। यानि मंत्री में खोट है।