कार्बेट टाइगर रिजर्व के बाघों के लिए अब तजुर्बेकार पूर्व फौजी सुरक्षा कवच बनेंगे।
शिकार और तस्करी की घटनाओं में तेजी से वृद्धि
वन विभाग ने पहली बार शिकारियों पर लगाम लगाने के लिए 215 एक्स सर्विसमैन की भर्ती की है। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में बाघ व वन्य जीवों के शिकार और तस्करी की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है।
तमाम कवायद के बावजूद वन विभाग शिकारियों पर लगाम कसने में नाकाम रहा है। इसीलिए विभाग ने अब पूर्व फौजियों पर भरोसा जताया है।
इस फोर्स को कार्बेट के आसपास के तराई ईस्ट, तराई वेस्ट, तराई सेंट्रल, नैनीताल, रामनगर में तैनात किया गया है। हालांकि कार्बेट टाइगर रिजर्व के लिए वन विभाग पहले ही टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स का गठन कर चुका है।
यह फोर्स भी जल्द ही पार्क में तैनात कर दी जाएगी। लेकिन जिन संवेदनशील इलाकों से होकर शिकारी भीतर घुसते हैं, उन्हें रोकने के लिए एक्स सर्विसमैन की फौज प्रोटेक्शन का काम करेगी।
अत्याधुनिक हथियारों से लैस
वन विभाग ने फौज को अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया है। विभाग ने पहली बार इस टीम को ऐसी दूरबीन और कैमरे भी दिए हैं, जिससे छिपे हुए शिकारियों को आसानी से ट्रैप किया जा सकता है।
सेना की भांति इनके पास हथियारों का जखीरा होगा और दूर तक निशाना साध सकेंगे।
यह फोर्स शिकारियों की गतिविधियों पर रोक लगाने में अहम साबित होगी। पूर्व फौजियों को विपरीत परिस्थितियों में काम करने का लंबा अनुभव है।
- एसएस शर्मा, प्रमुख वन संरक्षक, उत्तराखंड