शासन के आदेश के बावजूद विभागों में प्रमोशन लटकाए जाने की मंशा के खिलाफ अभियान चला रही राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद हैरान-परेशान है। इसकी वजह प्रमोशन की राह में वे अड़ंगे हैं, जिनकी वजह से कई कर्मचारी बगैर प्रमोशन ही रिटायर हो गए।
अब परिषद मामले अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी को बताते जा रही है। परिषद का कहना है कि कुछ विभागों में सेवा नियमावली तक नहीं बनी है। कहीं प्रमोशन के बावजूद कर्मचारियों को इसका फायदा नहीं मिला तो उनकी तैनाती ही लटका दी गई। इसलिए तय किया गया है कि ये सारे मामले शासन के संज्ञान में लाए जाएं।
ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं, बगैर ट्रेनिंग प्रमोशन नहीं
स्वास्थ्य विभाग में एएनएम संवर्ग की पदोन्नति इसीलिए नहीं हो सकती कि इसमें छह माह की ट्रेनिंग की शर्त है। उत्तर प्रदेश के समय यह ट्रेनिंग होती थी। राज्य गठन के बाद राज्य में ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं की गई। परिषद की नेता गुड्डी मटूडा का कहना है कि प्रशिक्षण की अनिवार्य अर्हता न होने से एएनएम प्रमोशन से वंचित हैं। सरकार को केंद्र से छूट लेनी चाहिए ताकि उनके प्रमोशन हो सकें।
सेवा नियमावली ही नहीं तो प्रमोशन कैसे होंगे
मामला नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग का है। यहां चार साल से कार्यालय और फील्ड स्टाफ को प्रमोशन नहीं मिला है। परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रहलाद सिंह का कहना है कि यह जानकार उन्हें हैरानी हुई कि राज्य गठन के 20 साल बाद भी विभाग ने सेवा नियमावली नहीं है।
नई जगह तैनाती नहीं तो प्रमोशन नहीं
मामला ग्राम्य विकास विभाग का है। विभाग में ग्राम विकास अधिकारियों की डीपीसी का आदेश जारी कर दिया गया लेकिन शर्त यह लगा दी गई जब तक तैनाती नहीं होगी और वे तैनाती स्थान पर योगदान नहीं करेंगे तब तक प्रमोशन मान्य नहीं होगा।
परिषद के प्रांतीय कार्यकारी महामंत्री अरुण पांडेय का कहना है कि ऐसे प्रमोशन मिलने का क्या फायदा। तैनाती आदेश विभाग को करना है, इसमें ग्राम विकास अधिकारी का क्या दोष है। इनमें से एक ग्राम विकास अधिकारी तो रिटायरमेंट के नजदीक हैं।
सरकार कर्मचारियों का कर रही उत्पीड़न : रावत
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्य सरकार को कर्मचारी विरोधी बताते हुए सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं पूर्व सीएम ने प्रदेश सरकार द्वारा बैकलॉग भरने के दिए गए आदेश के कदम का भी स्वागत किया है।
रविवार को शिवलालपुर चुंगी के पास स्थित एक बैंक्वेट हॉल में कार्यकर्ताओं ने हरीश रावत का स्वागत किया। रावत ने कहा कि राज्य सरकार राज्य कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रही है। कर्मचारी संगठनों के कार्यक्रम में पहुंचने के बाद उन्होंने कर्मचारियों से सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली, जिस पर पता चला कि सरकार लगातार कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारी सरकार के खाते में अपना 1 दिन का वेतन देना चाहते हैं। तो वहीं सरकार कर्मचारियों से हर माह वेतन देने को कह रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक छलनी लगा दी है, जिसमें स्पष्ट है कि जो बीजेपी को चंदा नहीं देगा उसे 50 साल बाद नौकरी से हटा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अक्षम कर्मचारियों पर हमेशा कार्रवाई होती है, लेकिन सरकार द्वारा लगातार कर्मचारी विरोधी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे कर्मचारी भी परेशान है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार की ओर से सातवां वेतन आयोग भी ठीक तरीके से नहीं दिया जा रहा है और न ही इसे लागू किया जा रहा है। कहा कि कर्मचारियों के प्रमोशन में भी डील बरती जा रही है।
पूर्व सीएम रावत ने कहा कि वर्तमान सरकार की ओर से कर्मचारियों का अप्रत्यक्ष रूप से उत्पीड़न किया जा रहा है, जो प्रदेश के हित में ठीक नहीं है। इस दौरान जागेश्वर विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, ज्येष्ठ ब्लाक प्रमुख संजय नेगी, गोपाल सिंह अधिकारी, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशा बिष्ट, हेमचंद भट्ट, कुलदीप शर्मा, ताईफ खान, इमरान खान आदि मौजूद रहे।