पदोन्नति का मामला नहीं सुलझाए जाने को लेकर उत्तराखंड परिवहन मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ ने सरकार, शासन को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी की आमसभा में मांगों के संबंध में सकारात्मक विचार विमर्श नहीं होने पर दोबारा बैठक बुलाकर आंदोलन की रणनीति तय करने पर सहमति बनी।
प्रांतीय उपाध्यक्ष संजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि साल 2004 में परिवहन विभाग में कार्यों के सापेक्ष एवं समय-समय पर खुले नए कार्यालयों के कारण मिनिस्टीरियल संवर्ग के 277 कर्मचारियों के पदों का निर्धारण किया गया था। पिछले 15 वर्षों में विभागीय कार्यों में हुई वृद्धि के लिहाज से विभाग द्वारा साल 2020 में अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। कैबिनेट द्वारा परिवहन विभाग में मिनिस्टरीरियल संवर्ग के 30 पद स्वीकृत किए गए, लेकिन उक्त 30 अतिरिक्त स्वीकृत पदों से संबंधित शासनादेश जारी करते समय शासन द्वारा पूर्व में स्वीकृत पदों की संख्या को असली संख्या से 11 पद कम करते हुए 266 दर्शाया गया। इसके कारण नए स्वीकृत पदों का औचित्य ही नहीं रह गया है।
प्रांतीय अध्यक्ष सुषमा चौधरी ने कहा कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से पदों को कम किया गया है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बैठक में प्रेम सिंह रावत, सत्येंद्र भोज, भास्कर जोशी, अनिल रावत, प्रकाशनाथ, चारुचंद्र, चंदन मेेेहरा, चंद्रप्रकाश, विमल सनवाल, हरीश भद्री, विजेंद्र राणा, धनवीर धनौसी, ललित मठपाल, यशवीर सिंह बिष्ट, संजय तिवारी ने संबोधित किया।