05 एम्स निदेशक के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करते आउट सोर्सिंग कर्मचारी।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने 95 आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का नोटिस जारी कर दिया है। इसके बाद गुस्साए आउटसोर्स कर्मचारियों ने एम्स परिसर में जमकर हंगामा काटा। कर्मचारियों ने प्रशासनिक भवन का एक गेट भी तोड़ दिया। हालात काबू से बाहर होते देख एम्स प्रशासन को पुलिस बुलानी पड़ी। मौके पर पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीम की मौजूदगी में एम्स के अधिकारी कर्मचारियों को मनाने का प्रयास कर रहे हैं।
एम्स ऋषिकेश की ओर से शुक्रवार शाम को टीडीएस कंपनी के 95 कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने का नोटिस जारी कर दिया गया। इनमें अस्पताल के अटेंडेंट, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारी शामिल थे। शनिवार सुबह नौ बजे इन कर्मचारियों को सुरक्षाकर्मियों ने प्रशासनिक भवन में दाखिल नहीं होने दिया। सुरक्षाकर्मियों ने आउटसोर्स कर्मचारियों को बताया कि उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इस पर आउटसोर्स कर्मचारी एम्स के निदेशक से मिलने की बात कहते हुए उनके कार्यालय की ओर बढ़ने लगे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने कर्मचारियों को रोक दिया। इस बीच सुरक्षाकर्मी और कर्मचारियों के बीच जमकर नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। कर्मचारियों की प्रदर्शन की सूचना पाकर उत्तराखंड जन एकता पार्टी के संस्थापक सदस्य कनक धनाई, एआईसीसी सदस्य जयेेंद्र रमोला और आप के विधानसभा प्रत्याशी डॉ. राजे सिंह नेगी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए। तीनों नेताओं ने एम्स प्रशासन पर आउटसोर्स एजेंसी की आड़ में कर्मचारियों के उत्पीड़न और श्रम कानून के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब तक सभी कर्मचारियों को वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान प्रशासन ने पुलिस को सूचित कर दिया। कुछ ही देर में ऋषिकेश, रायवाला और रानीपोखरी थाने की पुलिस टीम एम्स पहुंच गई। पुलिस और नेताओं के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई। जब एम्स प्रशासन के अधिकारी वार्ता के लिए बाहर नहीं आए तो कर्मचारी प्रशासनिक परिसर में ही धरने पर बैठ गए और नारेबीजी शुरू कर दी। सूचना पर एसडीएम अपूर्वा पांडेय, तहसीलदार डॉ. अमृता शर्मा और सीओ डीसी ढौंडियाल भी मौके पर पहुंच गए। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में एम्स के डीन एकेडिमक डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, टीडीएस के प्रतिनिधि अभिषेक और अन्य अधिकारियों ने कर्मचारियों से वार्ता शुरू की। कर्मचारियों ने उनको काम पर वापस लेने या सिक्योरिटी फीस की 30 हजार रुपये वापस करने की मांग की। टीडीएस के प्रतिनिधि ने कहा कि इस संबंध में एम्स निदेशक से वार्ता की जाएगी। उनकी संस्तुति पर कर्मचारियों की सेवा बहाल करने या सिक्योरिटी फीस वापस करने का आश्वासन दिया। आश्वासन पर कुछ कर्मचारी मान गए, लेकिन अधिकांश कर्मचारी फिर धरने पर बैठ गए।
एम्स ऋषिकेश में आउटसोर्स एजेंसी को कुछ अतिरिक्त कर्मचारियों को हटाने के लिए कहा गया था। एजेंसी ने कुछ कर्मचारियों को काम से हटा दिया। इन कर्मचारियों ने एम्स परिसर में धरना प्रदर्शन किया। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में आउटसोर्स एजेंसी के अधिकारियों ने कहा है कि फिलहाल किसी भी कर्मचारी को नौकरी से हटाया नहीं जा रहा है।
-अच्युत रंजन मुखर्जी, उप निदेशक (प्रशासन), एम्स, ऋषिकेश