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सैलेरी नहीं मिली तो फैक्ट्री में लगा दी आग

Fri, 17 Jun 2016 12:23 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रपुर
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प्रतीकात्मक चित्र - फोटो : Getty
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बार-बार तकादा करने के बाद भी सैलरी के चार हजार रुपये नहीं मिले तो फैक्ट्री कर्मी ने कंपनी के कार्यालय में आग लगा दी।
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दमकल कर्मियों ने बमुश्किल आग पर काबू किया। तब तक कार्यालय में रखा सामान जलकर राख हो गया। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ट्रांजिट कैंप निवासी सलाउद्दीन सिडकुल स्थित कोमिल मेटल फैक्ट्री में कार्यरत था। बताया गया है कि पिछले कुछ समय से सलाउद्दीन की सैलरी के चार हजार रुपये का भुगतान नहीं हो पा रहा था। जिसके लिए वह कई बार तकादा कर चुका था।

बुधवार रात सलाउद्दीन ड्यूटी के लिए फैक्ट्री पहुंचा तो पेट्रोल से भरी बोतल बाइक की डिग्गी में डाल लाया। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे मौका पाकर उसने फैक्ट्री के कार्यालय में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग लगाने के बाद वह मौके से फरार हो गया। कार्यालय में आग लगने से फैक्ट्री में हड़कंप मच गया। आनन फानन में सुरक्षा गार्डों ने दमकल को बुलाकर आग को काबू पाया। तब तक कार्यालय में रखा सामान जलकर राख हो गया। सूचना पर पुलिस ने आरोपी सलाउद्दीन को उसके घर से दबोच लिया।
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प्लांट हेड योगेश शर्मा ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि सलाउद्दीन ने कार्यालय में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। आग की चपेट में आकर 80 हजार के दो एसी, 60 हजार कीमत के दो कंप्यूटर, 50 हजार कीमत का फर्नीचर, 25 हजार कीमत के प्रिंटर और 8 हजार के पंखे जलकर राख हो गये। सिडकुल चौकी पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
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आरोपी को नहीं कोई अफसोस
फैक्ट्री के कार्यालय में आग लगाने के आरोप में पकड़े गये सलाउद्दीन को अपने किये पर कोई अफसोस नहीं था। पुलिस हिरासत में प्रबंधन के खिलाफ उसने भड़ास निकाली। उसने स्वीकार किया कि पैसे नहीं मिलने के कारण वह टेंशन में था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।
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