यूपीसीएल को हर साल करोड़ों का घाटा हो रहा
रुड़की डिवीजन में 2021-22 में 31.21 प्रतिशत, 2022-23 में 31.09 प्रतिशत और 2023-24 में 31.50 प्रतिशत वितरण हानियां दर्ज की गईं। नियामक आयोग ने माना था कि ये हाई लॉस फीडर कहीं न कहीं यूपीसीएल के लिए घुन की तरह काम कर रहे हैं। यूपीसीएल को हर साल यहां से करोड़ों रुपये का घाटा हो रहा है। साफ है कि यहां बड़े पैमाने पर बिजली चोरी चल रही है। जिसमें हाल के प्रकरण के बाद यूपीसीएल के अधिकारियों की मिलिभगत भी सामने आई है।
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सभी इंडस्ट्री का होगा एनर्जी अकाउंटिंग ऑडिटः यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने आदेश दिया है कि रुड़की, भगवानपुर समेत पूरे क्षेत्र में उच्च बिजली खपत वाली सभी स्टील फैक्ट्री और अन्य
उद्योगों का एनर्जी अकाउंटिंग ऑडिट होगा। इससे स्पष्ट होगा कि बिजली किस स्तर पर खपत हो रही है। कहीं किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी पकड़ में आई तो उस हिसाब से कार्रवाई होगी।