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उपभोक्ताओं पर कम पड़ेंगी बिजली टैरिफ की मार

Wed, 20 Nov 2013 01:45 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में 2014 चुनावी साल है। ऐसे में शायद आपकी जेब पर बिजली टैरिफ की मार न पड़े। अगर पड़े भी तो बहुत कम।
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ऊर्जा निगम प्रबंधन आजकल इसी फार्मूले पर टैरिफ बढ़ाने के प्रस्ताव की गुणा-गणित में जुटा हुआ है। संभव है अगले सप्ताह तक यह प्रस्ताव उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के पास भेज दिया जाए। पिछले साल ऊर्जा निगम प्रबंधन ने सौ फीसदी बिजली टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था।

सुनवाई आज तक पूरी नहीं हुई
इसको लेकर आम बिजली उपभोक्ताओं में काफी बेचैनी थी। हालांकि उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने पूरे प्रस्ताव पर सुनवाई के बाद टैरिफ बहुत ही कम बढ़ाया था, जिससे आम लोगों को काफी राहत मिली थी। बाद में निगम की ओर से ट्रिब्यूनल में भी अपील की गई थी लेकिन सुनवाई आज तक पूरी नहीं हुई।
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सूत्रों का कहना है कि 2014 में लोकसभा चुनाव होने हैं। इसको देखते हुए ऊर्जा निगम प्रबंधन बिजली टैरिफ बहुत अधिक बढ़ाने के मूड में नहीं है, जिससे प्रदेश सरकार के खिलाफ आम लोगों में गलत संदेश जाए।

अब प्रबंधन की ओर से घाटे को पूरा करने के लिए अन्य स्रोत तलाशने की बात कही जा रही है। ये स्रोत क्या होंगे इसके बारे में अभी अधिकारी कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है।

कोशिश होगी कि लोगों की जेब पर कम से कम भार पड़े। घाटे को पूरा करने के लिए दूसरे स्रोत तलाश करने की तैयारी है, जिससे आम उपभोक्ताओं के ऊपर टैरिफ का भार बहुत अधिक न पड़ने पाए।
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- एसएस यादव, प्रबंध निदेशक ऊर्जा निगम

ऊर्जा निगम, जल विद्युत निगम और पिटकुल की ओर से रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। 30 नवंबर तक रिपोर्ट जमा करने की आखिरी तिथि है। इसके बाद ही कुछ बताना संभव होगा।
- सचिव, उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग

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