विद्युत उपभोक्ताओं पर बिजली के बिल का भार बढ़ने वाला है। सूत्रों के मुताबिक यह भार चार से 20 फीसदी तक हो सकता है। बृहस्पतिवार को यूजीवीएनएल की बोर्ड बैठक में बिजली की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है।
अब नियामक आयोग इस पर अंतिम फैसला लेगा। अगर आयोग प्रस्ताव मान लेता है तो अगले वित्तीय वर्ष में उपभोक्ताओं को महंगी बिजली मिलेगी।
आपदा के मद्देनजर विद्युत नियामक आयोग ने दो साल से विद्युत दरें नहीं बढ़ाई थीं। माना जा रहा है कि इस वित्तीय वर्ष से बिजली की दरों का बढ़ना तय है। बोर्ड के प्रस्ताव में अलग-अलग विद्युत गृहों की दरों का निर्धारण किया गया है।
अब नियामक आयोग पर निर्भर है कि वह किस दर को हरी झंडी देता है। अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड ने जो दरें बढ़ाई हैं उन पर उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) विद्युत उत्पादन गृहों से बिजली खरीदता है। यूपीसीएल को महंगी बिजली मिलेगी तो उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली की दरें भी बढ़ा दी जाएंगी।