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कब तक रहेगा गंगोत्री को रोशनी का इंतजार?

Sat, 26 Apr 2014 09:55 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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उरेडा ने बृहस्पतिवार शाम यमुनोत्री धाम तक बिजली पहुंचाने में तो सफलता हासिल कर ली है, लेकिन अभी गंगोत्री धाम को रोशनी का इंतजार है। स्थिति यह है कि गंगोत्री में संचार सेवाएं चालू करने के लिए भी इस साल निगम को जनरेटरों का सहारा लेना पड़ेगा।
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बीते साल की आपदा में बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने तथा 200 किलोवाट की जानकीचट्टी लघु जल विद्युत परियोजना ठप होने से धाम में विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी।

बीते दिनों जानकीचट्टी पावर हाउस में आई तकनीकी अड़चन दूर कर उरेडा ने विद्युत उत्पादन चालू कर दिया। साथ ही यमुनोत्री तक क्षतिग्रस्त पड़ी बिजली की लाइन भी दुरुस्त कर ली गई है।
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गंगोत्री धाम में अभी तक पसरा है अंधेर

इधर अभी तक रुद्रगैरा पर बनी 150 किलोवाट की लघु जल विद्युत परियोजना अभी तक चालू नहीं होने से गंगोत्री धाम में अंधेरा पसरा है। बिजली के अभाव में न सिर्फ यात्रा व्यवस्थाएं बहाल करने में दिक्कतें आ रही हैं, बल्कि यात्रा व्यवसायी एवं तीर्थ पुरोहित भी परेशान हैं।

बिजली नहीं मिलने पर बीएसएनएल के कर्मचारी अब जनरेटरों के भरोसे टेलीफोन एक्सचेंज एवं मोबाइल फोन टावर चालू करने की तैयारी कर रहे हैं। दो मई को यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के कपाट खुलने हैं। ऐसे में अभी तक यात्रा व्यवस्थाएं चाक चौबंद होने पर सवाल उठ रहे हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी
यमुनोत्री धाम की बिजली व्यवस्था बृहस्पतिवार शाम चालू कर ली गई है। गंगोत्री में भी एक मई को परियोजना की टेस्टिंग की जाएगी। कपाट खुलने वाले दिन गंगोत्री धाम में भी बिजली से रोशन होगा।
-वंदना, परियोजना अधिकारी उरेडा।

केदारनाथ में दिन-रात हो रहा रेन शेल्टर का निर्माण

केदारनाथ पैदल मार्ग पर यात्रियों के विश्राम के लिए निम (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) उत्तरकाशी ने रेन शेल्टर का निर्माण लगभग पूर्ण कर लिया है।

निम की तरफ से अनुबंधित किए गए इंजीनियरों की देखरेख में मजदूर रात दो बजे तक निर्माण कार्य कर रहे हैं। निम रामबाड़ा और लिनचोली हेलीपैड में दो रेन शेल्टर का निर्माण कर रहा है। ताकि केदार यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु बारिश या थकान होने पर यहां आराम कर सकें।

निम के सहयोगी योगेंद्र राणा ने बताया कि पिछले दिनों बारिश होने पर लगभग 90 घंटे तक कार्य प्रभावित रहा। मौसम ठीक होने पर मजदूर दिनरात काम कर रहे हैं। उम्मीद है कि रविवार तक कार्य पूर्ण हो जाएगा।
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हेलीपैड से हटाई बर्फ

केदारनाथ में स्थित पक्के हेलीपैड से निम, टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस ने बर्फ हटाकर इसको चॉपर के लैडिंग के लिए तैयार कर दिया है।

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वहीं, लिनचोली हेलीपैड के विस्तारीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। हेलीपैड पक्का रहे, इसलिए इसमें आरसीसी लिंटर डाला जा रहा है।

इस हेलीपैड में निर्माण सामग्री उतारने के लिए सेना का एमआई-17 हेलीकाप्टर लैंड करेगा। इसलिए शासन के निर्देश पर इसका विस्तारीकरण किया जा रहा है।
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