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उत्तराखंड में नहीं होगा संकट: यूपीसीएल ने महंगे दामों पर ही एक्सचेंज से खरीदी बिजली, आज मिलेगी राहत

Wed, 13 Oct 2021 09:40 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

नेशनल एक्सचेंज में बिजली के भारी दामों की वजह से छह दिन से यूपीसीएल बिजली नहीं खरीद रहा था। इस वजह से प्रदेश में करीब चार से पांच मिलियन यूनिट बिजली की कमी हो रही थी, जिसकी भरपाई रोस्टर यानी अलग-अलग जगहों पर बिजली कटौती से की जा रही थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने परेशानी को देखते हुए आखिर महंगे दामों पर ही नेशनल एक्सचेंज से बिजली खरीद ली है। यह बिजली बुधवार को मिलेगी। यूपीसीएल का दावा है कि इसके आने से बिजली किल्लत पर काबू करते हुए बमुश्किल एक से डेढ़ घंटे की ही कटौती होगी।

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शहरी क्षेत्रों में करीब दो से सवा दो घंटे की बिजली कटौती हुई
दरअसल, नेशनल एक्सचेंज में बिजली के भारी दामों की वजह से छह दिन से यूपीसीएल बिजली नहीं खरीद रहा था। इस वजह से प्रदेश में करीब चार से पांच मिलियन यूनिट बिजली की कमी हो रही थी, जिसकी भरपाई रोस्टर यानी अलग-अलग जगहों पर बिजली कटौती से की जा रही थी।

मंगलवार को भी इस किल्लत की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में करीब तीन घंटे और शहरी क्षेत्रों में करीब दो से सवा दो घंटे की बिजली कटौती हुई। 

अमर उजाला खास: उत्तराखंड में गहरा सकता है बिजली का संकट, दाम बढ़ने से खरीद रोकी

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बुधवार को मिलेगी 26 लाख यूनिट बिजली

यूपीसीएल के मुताबिक, बुधवार को यह दिक्कत कम होगी क्योंकि उन्होंने नेशनल एक्सचेंज से सात से साढ़े सात रुपये यूनिट के हिसाब से 26 लाख यूनिट बिजली खरीद ली है जो बुधवार को मिलेगी। इसके बाद करीब 16 लाख यूनिट बिजली की कमी रह जाएगी, जिसकी भरपाई रोस्टर से करनी है।

मंगलवार की रात 12 बजे से बुधवार की सुबह आठ बजे तक कुछ क्षेत्रों में कटौती होती। इसके बाद बुधवार को दिनभर सामान्य बिजली आपूर्ति होगी। रात नौ बजे से आगामी करीब डेढ़ घंटे तक किल्लत हो सकती है। इसकी व्यवस्था भी यूपीसीएल प्रबंधन कर रहा है।

उद्योगों के लिए बढ़ने लगा संकट
लगातार बिजली कटौती का असर उद्योगों पर नजर आने लगा है। खासतौर से उन उद्योगों में, जिनका उत्पादन पूरी तरह से बिजली पर निर्भर है। मसलन, फार्मा सेक्टर की कंपनियों में अगर उत्पादन के दौरान कटौती हो रही है तो इससे पूरी प्रक्रिया बाधित हो रही है और माल खराब हो रहा है। उद्योगपतियों का कहना है कि सरकार बिजली की पूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित करे। नहीं तो उनके लिए मुश्किल हो जाएगी।
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