10 घंटे, 12 सभाएं...। हरिद्वार लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी और मुख्यमंत्री हरीश रावत की पत्नी रेणुका रावत का रविवार को कुछ ऐसा ही टाइट शेड्यूल रहा।
सुबह 10 बजे झंडा चौक, सी-ब्लाक से जनसभाओं का सिलसिला शुरू हुआ, जो रात तकरीबन साढ़े 8 बजे हरभजवाला में संपन्न हुआ।
2004 का चुनाव लड़ चुकने के बावजूद प्रचार के स्तर पर रेणुका पति हरीश रावत की छाया से बाहर नहीं निकल सकीं। वोटरों को भी उन्हीं के नाम पर लुभाया। बोलीं, ‘आपने सर्फ के साथ रिन की मुफ्त स्कीम सुनी होगी।
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मुझे रिन समझिए, सीएम को सर्फ। वोट दीजिए। आठ रुपए के रिन के साथ 80 रुपए का सर्फ फ्री पाइए...’।
लगातार बोलने से गला बैठ जाने पर गरम पानी से गला तर करतीं और भूख लगने पर केले उदरस्थ करतीं रेणुका सोने के लिए भी समय न मिलने की बात दोहराती रहीं।
अमर उजाला ने उनके प्रचार के अंदाज जानने को एक दिन उनके नाम किया। सभा के अंदाज अपने कैमरे में दिवाकर नेगी ने कैद किए।
सबसे बड़ा अनुभव वह सीएम की पत्नी
सुबह 10.15 बजे झंडा चौक, सी ब्लाक
नीले, सफेद रंग की प्रिंटेड साड़ी पहने रेणुका रावत सफेद रंग की हरिद्वार के नंबर की गाड़ी से उतरती हैं।
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समर्थक हरीश रावत जिंदाबाद, रेणुका रावत जिंदाबाद के नारे लगाते हैं। दिनेश अग्रवाल रेणुका रावत के लिए वोट मांगते हैं। बताते हैं कि रेणुका का सबसे बड़ा अनुभव यही है कि वह सीएम की पत्नी हैं।
सुबह 11.00 बजे भंडारी बाग चौक
दिनेश अग्रवाल जादूगर गोगिया पाशा की कहानी सुनाते हैं, जो गिली-गिली छू करके करता था तो पोशाक से पैसे झड़ने लग जाते थे।
कहा कि एक ऐसी ही जादूगर विपक्ष की पार्टी में आ गया है, जो सत्य से कहीं परे लोगों को भ्रमित करने वाली बातें करता है। रेणुका भी मोदी का नाम लिए बगैर दोहराती हैं कि लहर, आंधी किसी की नहीं, बस विकास की आंधी है।
पति के राजनीतिक इतिहास दोहराया
सुबह 12.15 बजे सिंगल मंडी
रेणुका अपने भाईयों, पति के राजनीतिक इतिहास को लोगों के सामने दोहराती हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को अपना रिश्तेदार बताते हुए युवाओं के लिए प्रदेश में स्पोर्ट्स स्टेडियम के लिए काम करने की बात कहती हैं।
इस पर दिनेश अग्रवाल उन्हें करेक्ट करते हैं। बताते हैं कि यह काम शुरू हो चुका है। आयोजकों के भी पूरे नाम न होने पर आपत्ति करते हैं।
सुबह 3.30 बजे बंजारावाला चौक
रेणुका और दिनेश अग्रवाल का भाषण का तकरीबन सुबह वाला ही अंदाज। मानों कुछ लाइनें रटकर दिन भर उनकी कैसेट चला दी हो।
वहीa गोगिया पाशा की कहानी, चार धाम यात्रा के लिए सब कुछ ठीक होने, अल्मोड़ा से रिश्तेदारी और मुख्यमंत्री तक पहुंच की बात सब कुछ एक जैसा। बस जगह बदली, लेकिन बाकी कुछ नहीं।
वह तो गुजरात में कत्ल-ए-आम कराते हैं...
भंडारीबाग चौक पर मंत्री दिनेश अग्रवाल रेणुका रावत के पक्ष में तकरीर करते हुए शब्दों पर नियंत्रण नहीं रख पाए।
गांधी परिवार की कुर्बानियों का जिक्र करते हुए उन्होंने तो शहादत दी, लेकिन प्रतिद्वंद्वी ऐसे हैं, जो कुर्बानी का मतलब नहीं समझते वह तो गुजरात में कत्ल-ए-आम कराते हैं।
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मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि कुर्सी का फेविकोल है, उधर सोनिया जी हैं, प्रधानमंत्री की कुर्सी को ठुकरा आदर्श स्थापित किया।
ताली बजाने को जुटाए मासूम, फिर कुर्सियां उठवाईं
भंडारी बाग चौक पर तकरीबन डेढ़-दो सौ कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी थी, जिनमें से कुछ धूप अधिक होने की वजह से छाया में खड़े थे।
महिलाओं की अधिकता थी और इनके साथ ही मजदूर, श्रमिक वर्ग के मासूम कुछ कुर्सियों पर कांग्रेस की टोपियां पहने बैठे थे।
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थोड़ी-थोड़ी देर में तालियां बजा देते। पता चला सौ रुपए का लालच यहां खींच लाया है। कार्यक्रम खत्म होने पर इन मासूमों से कुर्सियां उठवा दी गईं।