भाई को सामने देख बहन मंजरी भावुक हो गई थीं। वहीं भाई की आंखों में बहन से मिलने की चमक। मंजरी ने भाई की आरती उतारकर राखी बांधी। दो साल बाद बहन के हाथों से अपनी कलाई में राखी बंधी देख योगेंद्र भावुक थे। इसके बाद दोनों भाई-बहनों ने अपने बचपन के दिनों को याद किया। दोनों ने खूब हंसी के ठहाके लगाए। कुछ घंटे रुकने के बाद योगेंद्र दिल्ली के लिए लौट गए।
उमा ने फौजी भाइयों को भेजीं राखियां
उत्तरांचल महिला एसोसिएशन (उमा) ने सीमा पर डटे फौजी भाइयों को अपने हाथों से बनाई गईं राखियां भेजीं। उमा 20 वर्षों से प्रत्येक रक्षाबंधन पर सीमाओं की रक्षा करने वाले अपने फौजी भाइयों को राखियां व कार्ड भेजती है।
उमा की अध्यक्ष साधना शर्मा ने बताया कि इस वर्ष फौजी, जवानों के साथ ही कोरोना वॉरियर्स व कोरोना वैक्सीन तैयार करने वाले वैज्ञानिकों को भी रक्षासूत्र भेजा गया। इस दौरान नीलिमा गर्ग, कल्पना जोशी, रचना पंचपाल, सोनिया श्रीवास्तव, रीना आनंद, विजय बिष्ट, सुरभि राजवंशी, अर्चना सिंहल, प्रभा सलूजा, मेनका बहल, पुष्पा भल्ला आदि मौजूद रहीं।