इस सूचना पर तत्कालीन क्षेत्राधिकारी विकासनगर के नेतृत्व में पुलिस ने होटल में छापा मारा और तीन महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों युवतियों को मुक्त कराया।
आरोपियों में होटल मालिक कादिर हुसैन निवासी धर्मावाला, शेरखान निवासी खेड़ी अमरती थाना मिर्जापुर सहारनपुर, महमूद निवासी ढकरानी, सुरेंद्र व उसकी पत्नी ममता निवासी पौंटा साहिब, मनजीत कौर निवासी पौंटा साहिब, हैदर हुसैन व उसकी पत्नी लता निवासी दिल्ली शामिल थे। इनमें से महमूद को एक युवती के साथ पकड़ा गया था। महमूद के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने नियत समय के भीतर आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी और आपराधिक षडयंत्र के आरोप में चार्जशीट दाखिल की। हैदर के खिलाफ एक अतिरिक्त धारा दुष्कर्म की भी थी। मुकदमे के विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से कुल आठ गवाह पेश किए गए। जबकि, बचाव पक्ष केवल तीन गवाहों की गवाही ही करा सका।
गुरुवार को विशेष जज पोक्सो रमा पांडेय की अदालत ने मानव तस्करी व आपराधिक षडयंत्र के आरोपियों को 12-12 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जबकि, महमूद को दुष्कर्म के दोष में भी आठ साल की सजा सुनाई गई। आरोपियों पर अलग-अलग धाराओं में कुल 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसे अदा न करने पर सभी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।