‘दूर कर लो अगर बुराई है, ये समझ लो कि अपना भाई है-हमको मिलकर खुशी मनानी है, यही पैगाम ईद लाई है।’ देहरादून में ईदगाहों में शुक्रवार को दिलों में मोहब्बत कायम रहने की दुआ हुई।
उत्तराखंड और पहाड़ों की आपदा से हिफाजत की लोगों ने अल्लाहताला से गिड़गिड़ाकर दुआ की। साथ ही परवरदिगार से मुल्क, सरहद और दुनिया में भाईचारा और अमन मांगा।
रिमझिम बारिश में ईद की नमाज
रिमझिम बारिश में ईदगाहों और मसजिदों में लोगों ने ईद की नमाज अदा की। काजी-ए-शहर मौलाना मोहम्मद अहमद कासिमी ने चकराता रोड स्थित ईदगाह में नमाज अदा कराई।
दुआ में मांगा पहाड का चैन
पहाड़ों की तबाही से हिफाजत और उत्तराखंड की खुशहाली के लिए दुआ पर लोगों ने एक सुर में आसमान की तरफ निगाहें उठाकर ‘आमीन’ कहा। लोगों को नसीहत की गई कि ईद के मौके पर लोग अपने दिलों का मैल साफ करके एक-दूसरे से गले मिलें।
माजरा स्थित ईदगाह में मौलाना शाकिर कासिमी ने ईद की नमाज अदा कराई। बल्लूपुर जामा मसजिद में मौसाना यूनुस सिद्दीकी, चंदरनगर की मसजिद में मौलाना शाहिद, पलटन बाजार की जामा मसजिद में मौलाना अनवार कासिमी ने ईद की नमाज अदा कराई।
गले मिलकर बांटी खुशियां
इसके अलावा बारिश की वजह से ईसी रोड मसजिद, तरला अधोईवाला तथा मेहूंवाला और अन्य क्षेत्रों की मसजिदों में लोगों ने ईद की नमाज अदा की। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे से गले मिले।
ईदगाहों के बाहर मुबारकबादी देने वालों का तांता लगा रहा। विभिन्न दलों के लोगों ने ईदगाहों, मसजिदों और इनामुल्लाह बिल्डिंग, मुसलिम कालोनी आदि मुसलिम बहुल क्षेत्रों में जाकर लोगों को ईद की बधाई दी। बधाई देने वालों में विधायक राजकुमार, एडीएम (प्रशासन) हरक सिंह रावत, एसपी आदि रहे।
सोशल साइटों पर खूब मनी ईद
फेसबुक, आरकुट, चैट ऑन पर ईद की खुशियां मनाने का सिलसिला चांद रात से ही शुरु हो गया था। किसी ने चांद तारा, किसी ने गुलाब का फूल, किसी ने मसजिद, खाना-ए-काबा आदि की तस्वीरों के साथ ईद के बधाई संदेश साइट्स पर डाले।
फेसबुक मैसेंजर, वॉट्स ऐप, गूगल मैसेंजर के माध्यम से पर्सनल बधाई संदेश भेजे गए। यह सिलसिला शुक्रवार देर रात तक चलता रहा। इसके अलावा चांद रात से ही लोगों ने एसएमएस के माध्यम से ईद की मुबारकबादी के संदेश भेजने शुरु कर दिए थे।