दरगाह में चादर पेश करते जायरीन
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कव्वालों की महफिल में जमकर झूमे
साबिर पाक के सालाना उर्स में कहीं कव्वालों की महफिल तो कहीं झूमते-गाते चादर चढ़ाने पहुंचे जायरीन। दरगाह साबिर पाक हो या दरगाह इमाम साहब, दरगाह किलकिली साहब। इनकी ओर जाने वाली हर सड़क पर जायरीनों की लंबी कतारें लगी रहीं। इसमें घंटों बाद बारी आने पर जायरीन दरगाह तक पहुंच सके। वहां चल रही कव्वालों की महफिल को सुनकर हर कोई जायरीन साबिर के गीतों पर झूमता नजर आया।
नबी की सुन्नतों का एहतमाम करें
ईद मिलादउंन्नबी के दिन मोमीन नबियों के नबी पैगंबर हजरत मोहम्मदमद मुस्तुफा सल्ललाहु अलैहि वसल्लम की विलादत की ख़ुशी मनाते हैं। उलेमाओं ने बताया कि ईदमिलादउन्नबी के दिन मुसलमानों को नबी की सुन्नतों का एहतमाम करना चाहिए।
सभी मस्जिदों में मनाया ईद मिलादुन्नीबी
साबिर पाक के 755वें सालाना उर्स में हजरत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम के पैदाइस के अवसर पर दरगाह साबिर की जामा मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में ईद मिलादुन्नबी मनाया गया। ईद मिलादुन्नबी की शुरुआत जामा मस्जिद के इमाम हाफिज सऊद साबरी ने तिलावते कलाम पाक से की गई। इस मौके पर उलेमाओं ने हजरत मोहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम की शान में नातिया कलाम एवं मनकबत भी पेश किए।