आत्महत्या के प्रयास के मामले में लंबित वाद में फरार चल रहे उत्तराखंड के शिक्षामंत्री को 26 मार्च तक अदालत में पेश होना है।
गैर जमानती वारंट और कुर्की का आदेश जारी
इस मामले में कोर्ट से मंत्री प्रसाद नैथानी गैर जमानती वारंट और कुर्की का आदेश जारी हो चुके हैं। कोर्ट में सोमवार को मीडिया का जमावड़ा लगा रहा।
समझा जा रहा था कि शिक्षामंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी कोर्ट में पेश हो सकते हैं, लेकिन दोपहर तक वे अदालत नहीं पहुंचे। उनके पास कोर्ट में पेश होने के लिए अब दो दिन समय बचा है।
देखना यह है कि यदि वे कोर्ट में पेश नहीं हुए तो पुलिस क्या जवाब दाखिल करती है।
25 मार्च 2000 को हुआ था मुकदमा दर्ज
मंत्री प्रसाद नैथानी के खिलाफ 25 मार्च 2000 को शहर कोतवाली में तत्कालीन दारोगा अरविंद सिंह रावत ने आत्मदाह का प्रयास करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया था।
मुकदमे में दर्ज पते में मंत्री प्रसाद नैथानी का आवास टिहरी जिले के कोटी कॉलोनी लिखा है। कोर्ट में मुकदमा चलने पर मंत्री के घर समन भेजे गए। लेकिन पुलिस कोई भी समन तामील नहीं करा पाई।
घर की कुर्की के आदेश
बीते साल 19 अक्तूबर को शासन की ओर से कोर्ट में मुकदमा वापसी के लिए पत्र भी दाखिल किया गया था। लेकिन कोर्ट ने पुलिस को मंत्री के घर की कुर्की करने का आदेश दिया था।
इसके बाद भी कोर्ट में पेश न होने पर पुलिस ने मंत्री को भगोड़ा घोषित कर दिया था।
क्या है पूरी कहानी
25 मार्च 2000 को उत्तराखंड बेरोजगार महासंघ के अध्यक्ष कमल रतूड़ी और मंत्री प्रसाद नैथानी ने कचहरी स्थित शहीद स्थल पर एकत्रित होकर अपने ऊपर केरोसिन डालकर आत्मदाह का प्रयास किया था।
हालांकि पुलिस कर्मियों ने दोनों को बचा लिया। आत्मदाह की धमकी के संबंध में संगठन ने एक दिन पहले ही एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा था। इसी मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था।