प्रदेश में शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादलों के लिए तबादला एक्ट बनाया गया है, लेकिन तबादलों की पहली सूची में विभाग रसूखदार अधिकारियों को पहाड़ नहीं चढ़ा सका।
शिक्षा विभाग में अधिकारियों के तबादलों में एक्ट को दरकिनार कर दिया गया है। 15 साल से देहरादून में जमे कुछ अधिकारी इस बार भी पहाड़ नहीं चढ़े। जबकि उनसे जूनियर अधिकारियों को जिलों में प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर भेेजा गया है।
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प्रदेश में शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के तबादलों के लिए तबादला एक्ट बनाया गया है। इसके तहत दुर्गम और सुगम में की गई सेवा के आधार पर शिक्षकों और अधिकारियों के तबादलों की व्यवस्था है, लेकिन शून्य सत्र के बावजूद विभाग में जहां पूरे साल शिक्षकों की संबद्धता एवं तबादले किए गए। अब तबादलों की पहली सूची में भी विभाग रसूखदार अधिकारियों को पहाड़ नहीं चढ़ा सका।
हैरानी की बात यह है कि जिलों में मुख्य शिक्षा अधिकारी का पद संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी का पद है, लेकिन इन पदों पर उप निदेशक स्तर के अधिकारी की तैनाती कर दी गई है। वहीं, खंड शिक्षा अधिकारियों को जिलों में प्रभारी शिक्षा अधिकारी के पद पर भेजा गया है। यह हाल तब है जबकि निदेशालय में कई संयुक्त निदेशक और अपर निदेशक स्तर के अधिकारी मौजूद हैं।
जिलों में अधिकारियों के कई पद खाली थे जिसे देखते हुए तबादले किए गए हैं। तबादलों को लेकर जल्द ही पूरी व्यवस्था को ठीक किया जाएगा। -डॉ.धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री