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उत्तराखंड में मिला इबोला का संदिग्ध, हाई अलर्ट

Wed, 03 Sep 2014 03:18 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
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पश्चिमी अफ्रीका के एक शहर से आने वाले हल्द्वानी निवासी एक व्यक्ति के इबोला संदिग्ध होने की आशंका को लेकर नैनीताल जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
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स्वास्थ्य महानिदेशक के निर्देश पर सीएमओ ने टीम गठित की है और उसके घर की निगरानी की जा रही है। पश्चिमी अफ्रीका के नाइजीरिया, लाइबेरिया, गिनी और सियोल न्यूआन में इबोला फैला हुआ है।

हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा में रहने वाला एक व्यक्ति लाइबेरिया में नौकरी करता है। वहां से लौटने पर दिल्ली के आईजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इसकी जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को दी गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने तत्काल राज्य के स्वास्थ्य महकमे को अलर्ट कर दिया।
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कुसुमखेड़ा का रहने वाला है इबोला का संदिग्ध

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. जीएस जोशी ने बताया कि यात्री का नाम, पता और मोबाइल नंबर नैनीताल के जिलाधिकारी और सीएमओ को भेजा गया है। डॉ. जोशी ने बताया कि इबोला का संदिग्ध कुसुमखेड़ा हल्द्वानी का रहने वाला है।

सीएमओ डॉ. एलएम उप्रेती ने निगरानी के लिए टीम गठित कर दी है। हालांकि उसके घर पर ताला लगा हुआ है और मोबाइल से संपर्क नहीं हो पा रहा है। सीएमओ को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

लगातार फोन आने के कारण उक्त व्यक्ति ने मोबाइल उठाना बंद कर दिया है। उक्त व्यक्ति अभी अपने घर हल्द्वानी नहीं पहुंचा है। डॉ. किरण बिष्ट ने बताया कि इबोला के इस संदिग्ध व्यक्ति के भाई से बात हुई थी।
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दो से तीन हफ्ते तक रखा जाता है निगरानी में

स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. जीएस जोशी ने बताया कि संदिग्ध को दो से तीन हफ्ते तक निगरानी में रखा जाता है। संदेह होने पर उसे आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा और समय-समय पर ब्लड के सैंपल लेकर जांच के लिए पुणे भेजा जाएगा।

इबोला को तीन स्टेज में बांटा
स्वास्थ्य महानिदेशक ने बताया कि इबोला में कम खतरा, मध्यम खतरा और सबसे अधिक खतरे की श्रेणी में रखा गया है। डॉ. जोशी ने बताया कम खतरे में ऐसे लोग आते हैं, जो प्रभावित देशों से आ रहे हैं।

मध्यम खतरे में वे लोग हैं जो मरीज के संपर्क में आते हैं, पर बीमारी के लक्षण नहीं होते हैं। सबसे अधिक खतरे में वे लोग हैं जिनमें लक्षण भी हों और मरीज के संपर्क में हों।
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