सोमवार देर रात उत्तराखंड के चमोली जिले में भूकंप के झटके आने की खबर है, लेकिन भूकंप की गहराई कम होने के कारण भूकंप के झटके महसूस नहीं किए गए।
चमोली जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया सोमवार रात 10 बजकर 5 मिनट पर चमोली जनपद में भूकंप का झटका आया। भूकंप की तीव्रता 3.5 थी। गहराई भूमि के अंदर 10 किलो मीटर थी। भूकंप का केंद्र जोशीमठ था।
जिला आपदा प्रबंध न अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि भूकंप की गहराई अधिक होने से लोगों को झटके का एहसास नहीं हुआ। कोई जान माल के नुक्सान की खबर नहीं है।
हिमालयन बेल्ट में फाल्ट लाइन के कारण लगातार भूकंप के झटके आ रहे हैं। लेकिन इसी फाल्ट पर मौजूद उत्तराखंड में लंबे समय से बड़ी तीव्रता का भूकंप न आने से यहां बड़ा गैप बन हुआ है। जिससे राज्य हिमालयी क्षेत्र में आठ मैग्निट्यूड के भूकंप के बराबर ऊर्जा संचित हो रही है।
जो उत्तराखंड के आसपास हिमालयी क्षेत्र में आठ तीव्रता तक के भूकंप के खतरे की ओर संकेत कर रहा है। आईआईटी में किए गए शोध के मुताबिक यदि उत्तराखंड में 7.5 मैग्निट्यूड का भूकंप आता है तो इससे दिल्ली में भारतीय मानक कोड के अनुसार दिल्ली में बनाए गए आधे से ज्यादा भवनों को क्षति पहुंचने का अनुमान है। हालांकि भूकंप कब और कितनी तीव्रता का आएगा इसे लेकर वैज्ञानिक पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
नेपाल में शुक्रवार की रात्रि 10 बजकर 10 मिनट पर 5.2 तीव्रता के भूंकप के झटके आए हैं। जिसका असर नेपाल से सटे बिहार के जिलों में भी महसूस किए गए हैं। इससे पूर्व चार जरवरी को हिमालयन बेल्ट के एक छोर पर मणिपुर में 6.8 तीव्रता का भूकंप आया था। जिसके चलते अब वैज्ञानिक उत्तराखंड को लेकर आशंकित नजर आ रहे हैं।