दशहरा कमेटी बन्नू बिरादरी की ओर से देहरादून के परेड ग्राउंड में मनाया जाने वाला दशहरा इस बार बेहद खास होगा।
एक मंजिला लंका इस बार तीन मंजिला बनाई जाएगी। रावण के दस मुंह और सिर से भी आग उगलती दिखाई देगी। बिरादरी के प्रधान संतोख नागपाल ने बताया कि लंका की तीसरी मंजिल पर गुंबद होगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली से आए कारीगरों ने मात्र चार दिनों में रावण तैयार कर दिया।
सात लाख का खर्च
उन्होंने बताया कि आयोजन का पूरा खर्च सात लाख तक है। लंका और रावण पर अतिरिक्त प्रयोग के चलते इस बार डेढ़ लाख अतिरिक्त खर्च आ रहा है। यही नहीं लंका की रक्षा के लिए बाहर दो रावण खड़े किए जाएंगे। पहले इन रावणों का दहन होगा। इसके बाद ही लंका फूंकी जाएगी।
पंजाब का बैंड, बांबे की धुन
बन्नू बिरादरी के ट्रस्टी एनके दत्ता ने बताया कि परेड ग्राउंड में रावण दहन के दिन 13 अक्तूबर को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान पंजाब के बैंड के साथ बांबे की नासिक धुन बजेगी।
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लोगों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि 13 अक्तूबर को रावण दहन और 14 अक्तूबर को भरत-मिलाप कार्यक्रम होगा।
1948 में बना था पहला रावण
देश की आजादी के बाद दून में भी अलग से रावण दहन होने लगा। यहां वर्ष 1948 में पहला रावण प्रेमनगर में फूंका गया था। इसके बाद परेड ग्राउंड आदि जगहों पर भी रावण दहन होने लगा।
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सबसे पहला रावण बन्नू बिरादरी के ट्रस्टी स्व. राम चंद्र चावला ने बनाया था, जिसका दहन प्रेमनगर में किया गया था। राम चंद्र के पुत्र ब्रिज मोहन चावला ने बताया कि पिता जी ने अपने जीवन में 35 सालों तक लगातार रावण बनाए।
कहां, कहां दहन
पटेलनगर दशहरा ग्राउंड, प्रेमनगर दशहरा ग्राउंड, क्लेमेंटटाउन आदि जगहों पर बड़ा रावण जबकि अन्य स्थानों पर छोटे-छोटे रावण फूंके जाएंगे।
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