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उत्तराखंड: दर्जनों जंगली जानवरों को जहर देकर मारा, मचा हड़कंप

Wed, 02 Mar 2016 09:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
नैनीताल के बेतालघाट ब्लॉक के हली गांव से होकर बहने वाली रामगाड़ नदी में बुधवार की देर शाम दर्जनों वन्यजीवों के शव बरामद होने से हड़कंप मच गया। आशंका व्यक्त की जा रही है कि इन जंगली जानवरों को किसी खाद्य पदार्थ में जहर दिया होगा जिसके चलते जंगली जानवर बेमौत मारे गए।

इनमें हिरन, घुरड़ और काकड़, बंदर और लंगूर शामिल हैं। नदी के पानी में जहरीला पदार्थ मिलने से सैकड़ों की संख्या में मछलियां भी मरी हैं। जंगली जानवरों के मरने की सूचना मिलने के बाद वन महकमे में खलबली मची है। विभाग ने देर सायं एक टीम जांच के लिए मौके पर भेज दी है।
जानकारी के मुताबिक रामगाढ़ नदी में दर्जनों जंगली जानवरों के शव इधर-उधर पड़े होने की सूचना मिलने के बाद अमर उजाला प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा तो वहां नदी के एक बड़े हिस्से में छोटी बड़ी मछलियां मरी हुईं थीं। यही नहीं नदी में घुरड़, काकड़, हिरन, बंदर और लंगूर आदि के भी शव पड़े हुए थे। इस संबंध में पूछे जाने पर क्षेत्र का कोई भी ग्रामीण कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ।

पानी पीते ही मुंह और नाक से निकलने लगता खून

अलबत्ता कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रामगाड़ नदी के किनारे स्थित हली और इसके आसपास का क्षेत्र सब्जी उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है लेकिन पिछले कुछ समय से जंगली जानवरों फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। दिन भर हाड़ तोड़ मेहनत के बाद जंगली जानवरों के आतंक के चलते काश्तकारों की फसलें बर्बाद हो रही हैं।
दबी जुबान कुछ ग्रामीणों ने बताया कि जंगली जानवरों के आतंक से छुटकारा पाने के लिए कुछ काश्तकारों ने अपने खेतों के आसपास जहरीला रसायन डाल दिया है। इस रसायन की खुशबू के चलते जंगली जानवर इसे खाते हैं और उसके तुरंत बाद प्यास लगने पर वह नदी की ओर भागते हैं।
पानी पीते ही उनके मुंह और नाक से खून निकलने के साथ ही उनकी मौत हो जाती है। बुधवार की देर शाम जब यह जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को मिली तो महकमे में खलबली मच गई।
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कुछ शवों को गढ्ढे में दबा दिया गया

अधिकारियों ने कर्मचारियों को मौके पर भेजकर वस्तुस्थिति पता लगाने के निर्देश दिए। भवाली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी प्रकाश जोशी ने बताया कि मौके पर गए कर्मचारियों को नदी किनारे तीन जानवरों के शव मिले हैं। उन्होंने बताया कि उक्त शव किन जानवरों के हैं, यह जांच के बाद ही पता लग पाएगा।
इनका है कहनाप्रथम दृष्टया बताया गया है कि लोगों ने सब्जी आदि में रसायन डाल दिया था। अभी घुरड़ के तीन शव बरामद हुए। हालांकि दर्जनों वन्य जीवों के मारे जाने की सूचना मिली है। कुछ मृत वन्यजीवों के शव ग्रामीणों द्वारा गड्ढे में दबा दिए जाने की बात भी सामने आई है। अगर जानवरों की मौत जहर से होने की पुष्टि होती है तो वन्य जंतु संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।-तेजस्विनी अरविंद पाटिल, प्रभागीय वनाधिकारी नैनीताल।
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