टर्मिनल की क्षमता चार लाख से बढ़कर 47 लाख पैसेंजर प्रतिवर्ष हो गई: निशंक
इससे पहले मंगलवार को क्षेत्रीय सांसद और एयरपोर्ट सलाहकार समिति के अध्यक्ष डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने फेज टू बिल्डिंग का निरीक्षण किया था। निशंक ने कहा कि एयरपोर्ट के पूरे टर्मिनल को कुल 486 करोड़ रुपये से बनाया गया है। जिसके बाद टर्मिनल की क्षमता चार लाख से बढ़कर 47 लाख पैसेंजर प्रतिवर्ष हो गई है। आज एयरपोर्ट प्रदेश का सबसे व्यस्ततम एयरपोर्ट बन चुका है। लेकिन शुरूआत में जब एक फ्लाइट आती थी। तब संबंधित कंपनी ने प्रदेश सरकार से अनुबंध किया था कि यदि हवाई पैसेंजर कम मिले तो फ्लाइट का साठ फीसदी खर्च सरकार उठाएगी।
कहा, स्वच्छता में दून एयरपोर्ट देश में रैंक पा चुका है। इस एयरपोर्ट पर आए दिन वीवीआईपी का तांता लगा रहता है। इस एयरपोर्ट से चार धाम के साथ ही हेमकुंड, मां गंगा आदि के दर्शन आसानी से किए जा सकते हैं। मोदी सरकार की योजना से एक हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज में उड़ रहा है। इस अवसर पर एयरपोर्ट निदेशक प्रभाकर मिश्रा, भाजपा नेता पुरुषोत्तम डोभाल आदि मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें...Haridwar News: मेन रोड पर आ धमका हाथी...दहशत में आए लोग जान बचाने के लिए भागे, मची अफरा तफरी
सभी हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड सबसे आगे
निशंक ने कहा कि उत्तराखंड देश के सभी हिमालयी राज्यों में विकास में सबसे आगे है। उत्तराखंड वायु सेवा, रेल सेवा और दूसरे विकास कार्यों में मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश से आगे है। इसलिए तीर्थाटन, पर्यटन और सामरिक दृष्टि से एयरपोर्ट का विस्तार जरूरी है।