0003 से लेकर 5555 तक की रही डिमांड
वीआईपी नंबरों का बजट से भी सीधा कनेक्शन है। जैसा बजट, वैसा नंबर इसलिए बहुत अधिक महंगे नंबर लेने वालों की अपेक्षा सामान्य बजट वाले नंबरों को खरीदने वाले वाहन स्वामी हमेशा अधिक होते हैं। इस बार की सीरीज में भी ऐसा ही रहा। चुनिंदा नंबरों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश नंबर 11 हजार से 84 हजार रुपये के बीच रहे। 0003 नंबर 84 हजार रुपये में बिका, जबकि 7000 नंबर 29 हजार में। इसके अलावा, 9000, 7777, 7000, 5555, 1111, 0999, 0777, 0100, 0099, 0077, 0055, 0011, 0008, 0006, 0005, 0004, 0002 नंबर 10 हजार से 29 हजार रुपये के बीच बिके। अधिकांश लोगों ने इन्हीं नंबरों में से अपना पसंदीदा नंबर चुना।
एफआर सीरीज में भी खूब लगी बोली
एफएस सीरीज से पहले एफआर सीरीज में भी वीआईपी नंबरों को लेकर खासा क्रेज था। इस सीरीज के 0008 नंबर के लिए 70 हजार रुपये कीमत लगाई गई थी, जबकि 1111, 3333, 4444 और 8888 को 25 हजार रुपये में बेचा गया।
0001 नंबर के लिए 7 लाख 66 हजार की सर्वोच्च बोली
0001 नंबर का क्रेज हमेशा से अधिक रहा है। राजधानी देहरादून में वर्ष 2022 में 0001 वीआईपी नंबर 7 लाख 66 हजार रुपये में नीलाम हुआ था। यह राज्य गठन के बाद किसी नंबर के लिए लगी सबसे अधिक बोली थी।
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ऐसे करें वीआईपी नंबर के लिए आवेदन
वीआईपी नंबर के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। सड़क परिवहन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट (
https://morth.nic.in) पर अपना रजिस्ट्रेशन के बाद आप यहां फीस का भुगतान कर प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं। कई कैटेगरी में नंबरों को रखकर उनकी कीमतें तय की गई हैं। फीस जमा करने के बाद आप चुने गए नंबर की नीलामी में हिस्सा लेकर वीआईपी नंबर पा सकते हैं।