शराब के नशे में गाड़ी चलाने वाले अब इस बुरी आदत से तौबा कर लें।
क्योंकि यह आदत नहीं छोड़ी तो ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) निरस्त हो जाएगा। देहरादून में आरटीओ विभाग ने सोमवार को 39 प्राइवेट और वाणिज्य लाइसेंस निरस्त कर दिए।
शराब पीकर वाहन चलाने वाले ढा रहे कहर
इन लोगों को अब दुबारा लर्निंग लाइसेंस बनवाना होगा। खास बात यह है कि दो बार लाइसेंस निरस्त हुआ तो फिर कभी नहीं बन पाएगा। दरअसल शराब पीकर वाहन चलाने वालों ने शहर में कहर ढा रखा है।
खासकर रात के समय ऐसे वाहन चालक दूसरे लोगों के लिए आफत बन जाते हैं। पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई करती, लेकिन जुर्माना भर कर यह फिर नियम तोड़ने के लिए ‘फ्री’ हो जाते हैं।
चालान और वाहन सीज करने की कार्रवाई से कोई हल नहीं निकला तो पुलिस ने आरटीओ विभाग से ऐसे मामलों में कार्रवाई का आग्रह किया।
आरटीओ विभाग राजी हुआ तो पुलिस ने शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े गए 39 वाहन चालकों की लिस्ट मेडिकल रिपोर्ट के साथ भेज दी। पहले कड़ी में इन्हीं वाहन चालकों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं।
इनमें 20 प्राइवेट और 19 कामर्शियल लाइसेंस हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संदीप सैनी ने बताया कि आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
एक साल बेरोजगार रहेंगे टैक्सी चालक
इस नियम से ज्यादा दिक्क्त कामर्शियल वाहन चालकों को होगी। लाइसेंस निरस्त होने के बाद प्राइवेट लर्निंग लाइसेंस के लिए दोबारा आवेदन करना होगा।
यह लाइसेंस एक महीने बाद पक्का होता है। इस लाइसेंस पर प्राइवेट वाहन तो चलाए जा सकते हैं, लेकिन कामर्शियल वाहन नहीं। इस लाइसेंस को एक साल पूरा होने के बाद ही कामर्शियल लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है।
यानी लाइसेंस निरस्त हुआ तो टैक्सी या कामर्शियल वाहन चलाकर गुजरबसर करने वाले चालक एक साल तक बेरोजगार रहेंगे।