राजाजी राष्ट्रीय पार्क की सीमा पर बन रहे अपार्टमेंट में प्रदेश के कुछ नामी डॉक्टरों का धन लगा हुआ है। उन्हीं के इशारे पर राजाजी राष्ट्रीय पार्क से लेकर हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने फाइलों को ओके किया।
डॉक्टरों का ही दबाव है कि मामले के खुलासे के बावजूद किसी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
2012 में रोक दिया था काम
राजाजी पार्क की सीमा पर अपार्टमेंट बनाने का कार्य वर्ष 2012 से शुरू हो गया था। तब पार्क अधिकारियों और मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने निर्माण रोक दिया था।
उस समय निर्माण को गलत बताया गया था, लेकिन बाद में इन्हीं अफसरों ने अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया। अब फिर मौके पर निर्माण शुरू हो गया है।
बड़े डॉक्टर हैं शामिल
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के कुछ नामी डाक्टरों का अपार्टमेंट के निर्माण में धन लगा हुआ है। उन्हीं के दबाव में पहले फलदार पेड़ों की हत्या की गई और फिर अपार्टमेंट का नक्शा स्वीकृत हुआ। इसके बाद राजाजी की ओर से एनओसी दे दी गई।
सूत्र बताते है कि अपार्टमेंट का गेट राजाजी की बाउंड्री की ओर खोला जा रहा है। इससे भविष्य में पार्क की जमीन पर भी कब्जे की आशंका है। हाईप्रोफाइल मामला होने से एचडीए से लेकर वन विभाग के आला अधिकारी महज मूकदर्शक बने हुए है।