मसूरी नसबंदी शिविर प्रकरण में दून अस्पताल के सीनियर सर्जन डॉ. महेश भट्ट के तबादले से आक्रोशित डॉक्टर शुक्रवार को काम पर लौट आए।
डॉक्टर के खिलाफ नहीं होगी कोई कार्रवाई
स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी का संदेश आया कि डॉक्टर की कोई गलती नहीं हुई है और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। सीएमओ ने भी शुक्रवार को डॉक्टरों से मीटिंग कर डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कही है।
इससे पहले गुरुवार को डॉक्टरों ने पूरे प्रदेश में कार्य बहिष्कार का ऐलान किया था। गुरुवार दोपहर से डॉक्टरों ने ओपीडी सेवाएं बंद कर दी थी। साथ ही उन्होंने वीआईपी ड्यूटी करने से भी मना कर दिया था।
डॉक्टरों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की धमकी दी थी और कहा कि आदेश वापस न होने पर वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संघ की बैठक दून अस्पताल सभागार में हुई थी। इसमें डॉ. भट्ट के खिलाफ हुई कार्रवाई पर रोष व्यक्त किया गया था।
डॉक्टरों ने व्यक्त किया था रोष
इस मौके पर कार्य बहिष्कार का निर्णय लेने के बाद डॉक्टरों ने कहा कि वे सिर्फ पोस्टमार्टम और इमरजेंसी ड्यूटी करेंगे। अगर तबादला आदेश रद्द न हुआ तो पोस्टमार्टम और इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी।
डॉक्टरों ने रोष व्यक्त किया था कि स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने बिना सोचे-विचारे और हकीकत का पता लगाए डॉ. भट्ट के खिलाफ कार्रवाई कर दी।