कोरोनेशन अस्पताल में डॉक्टर से मारपीट के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अस्पताल के चिकित्सकों और सहायक स्टाफ ने अपना कार्य बहिष्कार समाप्त कर दिया। पीएमएचएस ने भी गिरफ्तारी के बाद अपनी हड़ताल टालने का ऐलान किया है।
बीते सोमवार को राजेश रावत कॉलोनी निवासी राजमिस्त्री राजेश (39) सुबह हाथ दर्द की शिकायत के बाद कोरोनेशन अस्पताल पहुंचा। आरोप है कि यहां डाक्टर सुनील वर्मा ने उसे एक इंजेक्शन लगाया। घर पहुंचने पर राजेश की तबियत बिगड़ी और कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। इससे परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया।
गिरफ्तारी के बाद माने डॉक्टर
आरोप है कि इस दौरान उन्होंने डॉ. सुनील वर्मा के साथ मारपीट भी की। डॉ. वर्मा ने सोमवार शाम को ही आराघर चौकी में विशाल गुप्ता और अमर सिंह को नामजद करते हुए तहरीर दी। इसके विरोध में मंगलवार को अस्पताल में कार्य बहिष्कार रहा। पीएमएचएस ने भी इस मामले में हड़ताल का ऐलान किया था।
बुधवार को आराघर पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आराघर चौकी प्रभारी महिपाल रावत ने बताया कि दोनों आरोपियों को थाने से ही जमानत दे दी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पीएमएचएस ने अपनी हड़ताल टाल दी। जिलाध्यक्ष डॉ. पंकज शर्मा ने बताया कि बैठक के बाद हड़ताल टालने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों और सहायक स्टाफ की सुरक्षा व्यवस्था सुधारने की मांग की जाएगी।