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कोरोना संक्रमण को लेकर घबराए नहीं, फेफड़ों पर हमला करने के बजाय गले तक ही अटका कोरोना

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देहरादून। कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा दौर के कोरोना संक्रमण से बहुत अधिक घबराने की जरूरत नहीं है। इस बार कोरोना मरीजों के फेफड़ों, हृदय पर हमला करने के बजाए सिर्फ गले तक ही हमला कर रहा है। ऐसे में गले में संक्रमण हो रहा है।
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दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक व वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. केसी पंत का कहना है कि मौजूदा समय का कोरोना संक्रमण गले तक सीमित है। इस बार कोरोना फेफड़ों पर हमला नहीं कर पा रहा है। इससे मरीजों को सांस लेने में कोई खास दिक्कत नहीं हो रही है। जितने भी मरीज इलाज कराने आ रहे हैं उसमें बहुत कम मरीजों को ही आईसीयू में भर्ती करने की जरूरत पड़ती है। ज्यादातर मरीज चार-पांच दिन इलाज कराने के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो रहे हैं।
कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. एनएस बिष्ट का कहना है कि कोरोना संक्रमण को लेकर बहुत अधिक चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस बार कोरोना डेल्टा, ओमिक्रान पहले जैसा खतरनाक नहीं है। अलबत्ता सावधान रहने की जरूरत है। सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ ही उल्टी दस्त और खांसी के लक्षण दिखाई देने पर अस्पतालों में जाकर आरटीपीसीआर जांच तत्काल करा लेें। यदि संक्रमित हैं तो डॉक्टर की सलाह पर खुद ही घरों में आइसोलेट होकर स्वस्थ होने की जरूरत है।
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संक्रमण से बचाव के लिए बरतें ये सावधानी
-घर से बाहर निकलने पर मास्क जरूर लगाएं।
-हाथों को बार-बार सैनिटाइज करते रहें।
-सार्वजनिक स्थानों पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
-जब भी किसी व्यक्ति से मुलाकात करें तो सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखें।
-बाहर से घर आने पर हाथों को अच्छी तरह से साबुन से धोने के बाद सैनिटाइज करें।
-जो भी मास्क लगाया था उसे तत्काल फेंकने के साथ ही नया मास्क इस्तेमाल करें।
-यदि सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ ही खांसी के लक्षण दिखाई दें तो आरटीपीसीआर जांच कराएं।
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