संयोग से इस साल तकरीबन पूरे साल शादी-ब्याह के साये हैं। इधर परीक्षाएं चल रही हैं उधर, गलियों, सड़कों हर जगह डीजे बज रहे हैं अथवा लाउड स्पीकर पर संगीत बज रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी है कि रात 10 बजे के बाद डीजे आदि नहीं बजाया जा सकता है। लेकिन इसकी सब जगह अनदेखी की जा रही है।
अमर उजाला की अपील
अमर उजाला नागरिकों से अपील करता है कि शादी-ब्याह को शोर का समारोह न बनाएं। संकल्प लें कि अपना उल्लास दूसरों की बाधा न बने।
सुप्रीम कोर्ट के रात दस बजे के बाद ध्वनि प्रदूषण होने की गाइड लाइन की भी अनदेखी की जा रही है। अधिकतर बैंक्वेट हॉल शहर के बीचों-बीच हैं। कई विवाह खुले मैदानों में भी आयोजित किए जा रहे हैं।
छात्रों को हो रही परेशानी
आम लोगों के अलावा सबसे ज्यादा परेशानी इन दिनों छात्रों को उठानी पड़ रही है। पब्लिक स्कूलों में परीक्षाओं का दौर चल रहा है। माध्यमिक शिक्षा की परीक्षाएं शुरू होने वाली है। ऐसे में शोर उनकी पढ़ाई में बाधा बनकर खड़ा हुआ है।