राजधानी की टूटी सड़कों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच स्मार्ट सिटी परियोजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी/ जिलाधिकारी डॉक्टर आर. राजेश कुमार ने लगातार दूसरे दिन भी अधिकारियों के साथ सड़कों का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने अधिकारियों के साथ न सिर्फ गांधी पार्क से लेकर रेलवे स्टेशन तक पैदल चलकर निर्माण कार्यों की जांच की। साथ ही अधिकारियों को सख्त हिदायत भी दी कि सीवर लाइनों का काम किसी भी सूरत में दस दिनों के भीतर पूरा कराया जाए। जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि दस दिनों के भीतर सीवर लाइनों के काम पूरे नहीं हुए तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे प्रतिदिन मौके पर जाकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे और उसकी रिपोर्ट सौंपेंगे। ऐसा नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान गांधी पार्क के पास राजपुर रोड पर टूटी पाइपलाइन के जरिए पानी का रिसाव होते देख जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जतायी और संस्थान के अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर मरम्मत की हिदायत दी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेताया कि निर्माण कार्यों में शिथिलता बरती तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई भी सुनिश्चित कराई जाएगी। निरीक्षण के समय जलसंस्थान के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर आशीष भट्ट, पीडब्ल्यूडी के एक्सीक्यूटिव इंजीनियर डीसी नौटियाल, यूपीसीएल के एक्सीक्यूटिव इंजीनियर गौरव सकलानी, स्मार्ट सिटी योजना के महाप्रबंधक जगमोहन चौहान समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।
डीएम ने प्रगति रिपोर्ट मांगी तो बगले झांकने लगे अधिकारी
सड़क पर उतरकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ही जिलाधिकारी ने निर्माणदायी संस्थाओं के अधिकारियों के साथ बैठक ली और इस बात की जानकारी ली कि आखिरकार फरवरी और मार्च महीने में निर्माण कार्यों की क्या स्थिति रही? जिलाधिकारी के कड़े तेवर को देखते हुए निर्माणदायी संस्थाओं के अधिकारी बगले झांकने लगे। डीएम ने निर्माण संस्थाओं के अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे जो भी निर्माण कार्य करा रहे हैं। उन्हें रविवार रात से युद्धस्तर पर निर्माण कार्य कराए जाएं इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
निरीक्षण के दौरान नदारद मिले मजदूर, डीएम ने जताई नाराजगी
जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर मजदूर नदारद मिले। इस पर जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से पूछा कि मजदूर कहां गए हैं तो अधिकारियों ने यह तर्क देकर बचाव किया कि भोजन करने गए हैं। इस पर जिलाधिकारी ने आसपास के लोगों से जानकारी ली। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यो की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को खुद उपस्थित होकर निर्माण कार्यों की मानीटरिंग करने के निर्देश दिए।