वोट बैंक की खातिर अवैध बस्तियों के सरपरस्त नेताओं की सिफारिशों पर अब महकमे मेहरबान नहीं हो सकेंगे।
बस्ती के लोगों को नहीं मिलेगा बिजली-पानी
देहरादून डीएम ने भूमि अभिलेखों के बगैर अवैध बस्तियों में बिजली, पानी के कनेक्शन दिए जाने पर रोक लगा दी है। साफ है कि देहरादून में सरकारी जमीनों, नदियों-नालों पर कब्जे कर बसने वाली बस्तियों के लोगों को अब बिजली-पानी नहीं मिलेगा।
इसी 30 अक्तूबर को डीएम चंद्रेश कुमार यादव की ओर से इस संबंध में पत्र जारी किया गया है। जल संस्थान, ऊर्जा निगम दोनों विभागों को कहा गया है कि अगर इसके बाद भी किसी अधिकारी-कर्मचारी ने कब्जा करने वालों को कनेक्शन दिया तो कब्जे में उसकी भी मिलीभगत मानी जाएगी। ऐसे अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
अमर उजाला ने किया था खुलासा...
अमर उजाला ने 30 अक्तूबर के अंक में ‘नेता तो नेता, महकमे भी कम नहीं’ शीर्षक से खुलासा किया था कि दीपनगर में ढहाई गई अवैध बस्ती में कई घरों में बिजली और पानी के मीटर तक लगे हैं। लोगों ने अवैध कब्जे हटाने गई नगर निगम की टीम को भी बिजली, पानी के बिल दिखाए थे।
एक माह के भीतर जांच कर काटें कनेक्शन
एक माह के भीतर अवैध बस्तियों के बिजली, पानी कनेक्शनधारियों के भू स्वामित्व संबंधी प्रमाण-पत्रों की जांच करने को भी कहा है। साथ ही प्रमाण-पत्र प्रस्तुत न करने पर कनेक्शन काटे जाने की निर्देश दिए हैं। इसके लिए 30 नवंबर तक का समय दिया है।
कब्जों में आएगी कमी
डीएम ने पत्र में नगर निकायों में शासकीय भूमि पर बढ़ते कब्जों और अतिक्रमण पर भी चिंता जताई है। उन्होंने लिखा है कि कनेक्शन नहीं मिलेंगे तो बिना बिजली, पानी के किसी का जमीनें कब्जाना आसान नहीं होगा। इससे कब्जों में भी कमी की उम्मीद है।
जो भी नए कनेक्शन दिए जाएंगे स्वामित्व की जांच करके ही दिए जाएंगे। बाद में लोग बिजली और पानी के बिलों को स्वामित्व का आधार बताने लगते हैं। इसे रोकने के लिए यह आदेश किया गया है।
- चंद्रेश कुमार यादव, डीएम
नए अतिक्रमणों, अवैध कब्जाधारकों का विरोध है, लेकिन जो सालों से इन बस्तियों में बसे हैं। जहां शासन ने करोड़ों के कार्य करा दिए हैं, उनके लिए इस तरह का आदेश ठीक नहीं।
- राजकुमार, विधायक राजपुर क्षेत्र
मलिन बस्तियों के नियमितिकरण की घोषणा पूर्व और वर्तमान दोनों सीएम कर चुके हैं। यह बताइए सीएम सर्वोपरि हैं कि डीएम। राज्य बनने के पूर्व की बस्तियों के लिए कनेक्शन की अनुमति होनी चाहिए।
- गणेश जोशी, विधायक मसूरी