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दिवाली पर ऐसे करें पूजन, लक्ष्मी होंगी प्रसन्न

Sat, 02 Nov 2013 09:46 PM IST
अमर उजाला, रुड़की
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दिवाली पर विधिविधान से मां लक्ष्मी, भगवान गणेश के साथ कुबेर का पूजन करने से घर में सुख-शांति और धनसंपदा आती है। रविवार को दिवाली पूजन के लिए शुभ मुहूर्त शाम 6.15 से रात 8.10 बजे तक रहेगा।
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ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश शुक्ला ने बताया कि इस दिवाली पर अमावस्या कम होने से प्रदोष काल शाम 5.30 से रात 8.50 तक रहेगा। इस दौरान भी पूजन का विशेष महत्व रहेगा। लक्ष्मी और गणेश की एक साथ पूजा करनी चाहिए। कुबेर लक्ष्मी के भाई हैं। दिवाली को यक्षों की रात्रि कहा जाता है। यक्षों के राजा कुबेर हैं।

चौमुख दीपक से करें पूजा
कुबेर की पूजा चौमुख दीपक और 26 छोटे दीपक थाली में सजाकर धूपदीप और खील बताशों के साथ करनी चाहिए। साथ ही चक्की, चूल्हा, सील बट्टे और छाज पर कुमकुम से तिलक करके पूजा करनी चाहिए। दिवाली पर घर की चौखट, आंगन, घर के पास चौराहे, घर के पूजाघर, बेल वृक्ष के नीचे, घर के पास मंदिर में, तुलसी, गमले-पौधों और पीपल के पेड़ के नीचे दीप जलाना चाहिए।
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कार्य के अनुसार करें पूजन
सीबीआरआई के पूर्व वैज्ञानिक और ज्योतिष डा. गोपाल राजू के अनुसार, श्री कमला लक्ष्मी की पूजा उनके तीन रूपों महाकाली, महालक्ष्मी और महा सरस्वती में होती है। काली शक्ति का प्रतीक हैं। लक्ष्मी समृद्धि और सरस्वती ज्ञान का। कार्य के अनुरूप लग्न और नवमांश की गणना करके ही ये सुख दिवाली पर प्राप्त किए जा सकते हैं।

पैसे के लेनदेन, नौकरी, व्यवसाय आदि के लिए चर लगभन में स्थिर नवमांश चुनें। धन, दलहन, तिलहन, रसायन और औषधि आदि के लिए स्थिर लग्न में चर नवमांश उत्तम है। कपास, कपड़े, खेती आदि के लिए सम लग्न में चर नवमांश में पूजन करें।
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व्यवसाय के लिए पूजन
व्यावसायिक पूजन के लिए दोपहर 2 बजे से शाम साढ़े चार बजे तक शुभ मुहूर्त है। पूजन दुकान, फैक्ट्री आदि में ही करना चाहिए।
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