फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: दिवाली से पहले ही मानकों से ऊपर पहुंचा प्रदूषण का स्तर, सात जगह शुरू हुई वायु प्रदूषण की जांच

Sun, 23 Oct 2022 03:57 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

राज्य के सात स्थानों पर दीपावली से सात दिन पहले और सात दिन बाद तक वायु की गुणवत्ता की जांच की जाएगी। देहरादून, हरिद्वार, काशीपुर, हल्द्वानी और रुद्रपुर में वायु प्रदूषण का स्तर एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सामान्य से अधिक पाया गया है। 
विज्ञापन
प्रदूषण - फोटो : Amar Ujala (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दीपावली से पहले ही प्रदेश के छह शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर सामान्य से ऊपर चला गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार, उत्तराखंड के छह जिलों में सात स्थानों पर वायु की गुणवत्ता को परखा जा रहा है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, राज्य के सात स्थानों पर दीपावली से सात दिन पहले और सात दिन बाद तक वायु की गुणवत्ता की जांच की जाएगी।

विज्ञापन


इसके लिए देहरादून में दो स्थानों (घंटाघर और नेहरू कॉलोनी), हरिद्वार, काशीपुर, रुद्रपुर, ऋषिकेश और हल्द्वानी में एक-एक स्थान पर 17 अक्तूबर से वायु की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी गई है, जो 30 अक्तूबर तक लगातार की जाएगी। अभी तक जो आंकड़े प्राप्त हुए हैं, उनके अनुसार देहरादून, हरिद्वार, काशीपुर, हल्द्वानी और रुद्रपुर में वायु प्रदूषण का स्तर एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सामान्य से अधिक पाया गया है। 

दिनांक           देहरादून       ऋषिकेश        हरिद्वार     काशीपुर     हल्द्वानी     रुद्रपुर 
विज्ञापन

17 अक्तूबर     108.5              95               108            105         102           एनए
18 अक्तूबर     1 11                96                  117           106       100          102
19 अक्तूबर    113                   94                  129        108         103        104
20 अक्तूबर     110               98                    134         114        106        108
21 अक्तूबर     122               106                  138          109         99         105
(आंकड़ा एक्यूआई में)

विज्ञापन

एक्यूआई का असर  0 से 50 सामान्य 
51 से 100    सांस की तकलीफ से जूझ रहे लोगों को दिक्कत होती है। 
101-200    अस्थमा और फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए खतरनाक

ये भी पढ़ें...Uttarakhand News:  बोनस तो मिला, डीए की कामना अधूरी, सीएम धामी के फैसले पर लगी करीब तीन लाख कर्मचारियों की नजर
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें