राजधानी देहरादून स्थित गुरु तेगबहादुर साहब गुरुद्वारे में जत्थेदारी के विवाद में दो पक्षों के बीच तलवारें चल गईं।
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मारपीट में पांच घायल हो गए, जिनमें से नए जत्थेदार समेत दो की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी घायलों को दून अस्पताल पहुंचाया गया है। घटना के आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जिस पर लोगों ने नाराजगी जताई।
दोनों पक्षों में तनातनी
घायलों को अस्पताल ले जाने में भी खासी परेशानी हुई। गांधी ग्राम स्थित गुरुद्वारे में पुराने जत्थेदार दलवीर सिंह कलेर को हटाकर परमजीत सिंह को यह पद सौंप दिया गया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद से दोनों पक्षों में तनातनी चल रही है।
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शनिवार सुबह दोनों पक्ष गुरुद्वारे के बाहर भिड़ गए। नए जत्थेदार परमजीत के समर्थक कर्मजीत (19) पुत्र दर्शन सिंह निवासी गांधी ग्राम का आरोप है कि वह मत्था टेकने गुरुद्वारा जा रहा था।
तभी दलवीर सिंह, उनके बेटे अमरीक सिंह, अमरजीत सिंह समेत 15-20 लोग वहां आए और उस पर कृपाण, तलवारों से हमला कर दिया। इस बीच जत्थेदार परमजीत भी अपने साथी सुखविंदर सिंह के साथ वहां आ गए।
कुछ लोगों की हालत नाजुक
दोनों पक्षों में जमकर तलवारें चलीं। इससे कर्मजीत, परमजीत और सुखविंदर घायल हो गए। दूसरे पक्ष के अमरीक सिंह और दलवीर सिंह को भी चोटें आई हैं। कर्मजीत और परमजीत की हालत नाजुक बताई जा रही है।
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देर शाम शहर कोतवाली पुलिस ने अमरीक सिंह पुत्र दलवीर सिंह की ओर से कुंवर जपिंदर सिंह, हरदीप सिंह काला, परमजीत सिंह और जसपाल के खिलाफ गालीगलौज, मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाल जेपी जुयाल ने बताया कि दूसरा पक्ष भी शिकायत देगा तो कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
घायलों ने पुलिस पर पूरे मामले में कोताही बरतने का आरोप लगाया है। गुरुद्वारा समिति के उपप्रधान अमनदीप रंधावा ने बताया कि सूचना के बावजूद पुलिस समय से नहीं पहुंची।
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लोगों ने घायलों को हमलावरों से बचाकर किसी तरह निजी वाहनों से दून अस्पताल पहुंचाया। बताया कि चौकी से लेकर एसएसपी कार्यालय तक कई बार विवाद की शिकायत की जा चुकी है।
गुरुद्वारा समिति के लोगों को जान से मारने की धमकी भी मिली है, लेकिन पुलिस ने अब तक मामला सुलझाने की कवायद नहीं की। गुरुद्वारों में कीर्तन मंडली या कीर्तन जत्थे के मुखिया को जत्थेदार कहा जाता है।