भारतीय सैन्य अकादमी में ग्रुप सी और डी की भर्तियों की जांच कर रही सीबीआई के हाथ कुछ जाली दस्तावेज हाथ लगे हैं।
डेढ़ साल पहले 283 पदों पर हुई थी भर्तियां
इनके आधार पर आईएमए और आईएमएमसी में तैनात रहे नामजद दो सैन्य अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है। आईएमए में ग्रुप सी और डी की डेढ़ साल पहले 283 पदों की भर्तियां की गई थी।
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जांच के दौरान कई अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र और अनुभव पत्र फर्जी पाए गए थे। मामले की जांच कर रही सीबीआई अभी प्रमाण-पत्र जारी करने वालों का पता नहीं लगा पाई है। ऐसे में जाली दस्तावेज लगाकर नौकरी हथियाने वाले नामजद 27 अभ्यर्थियों से सीबीआई पूछताछ कर प्रमाण-पत्र बनाने वाले गिरोह की तलाश करने की कोशिश में है।
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सूत्रों की माने तो मामला इतना सीधा नहीं है, जितना दिख रहा है। भारी संख्या में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों को किसने जारी किया यह भी साफ नहीं हो पाया है। जांच में इस बात की तस्दीक करवाई जा रही है कि प्रमाण-पत्र को बनवाने और आईएमए चयन से जुड़े सैन्य या सिविल अधिकारियों का कोई गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
आईएमए से जारी हुए अनुभव सर्टिफिकेट
सीबीआई के मुकदमे में एमटी ड्राइवर के लिए जय प्रकाश कुंवर, आशीष, रंजीत सिंह, मनोज नेगी, सुधीर कुमार, जसक्रीत सिंह, मोहित कुमार शामिल हैं। इनमें से दो के अनुभव सर्टिफिकेट आईएमए से जारी हुए हैं।
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सीबीआई ग्रुप सी में सैन्य अधिकारी मेजर (अब लेफ्टिनेंट कर्नल) जगदीश बिश्नोई तक ही सुराग ढूंढ पाई है।
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भर्तियों में ग्रुप डी के पदों पर नामजद अभ्यर्थियों में बलजीत सिंह, विदेश कुमार, मुकेश कुमार, तामबोले रसूल, समीर खान, गोपाल सिंह, प्रवीण कुमार, राइस खान, वाजिद अली, विजय कौल, मुकेश कुमार मोहतो, विपिन कुमार, प्रदीप कुमार, रवि कुमार, मनोज रावत, राजेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र कुमार, राहुल राय, अरुण कुमार, मनोज, पार्वती सरकार शामिल है।