कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हुए सतपाल महाराज अब मुख्यमंत्री हरीश रावत पर खुलकर हमलावर हैं।
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महाराज ने रविवार को न सिर्फ इस आशय का प्रेस बयान जारी किया बल्कि आपदा के दौरान पहाड़ दौरे के फोटो भी जारी किए।
महाराज के समर्थकों को उम्मीद थी कि महाराज रविवार को देहरादून में नजर आएंगे पर महाराज अब 26 मार्च को दून पहुंच रहे हैं। अलबत्ता महाराज की पत्नि और कैबिनेट मंत्री अमृता रावत जरूर सोमवार को दून पहुंच सकती हैं।
बोलने से पहले तोल लें रावत
महाराज ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि हरीश रावत प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और कुछ भी बोलने से पहले उन्हें तोल लेना चाहिए। आपदा के दौरान वे (महाराज) हैलीकाप्टर से नहीं बल्कि सड़क मार्ग से आपदाग्रस्त क्षेत्रों में गए थे।
उस समय उनके साथ मंत्री प्रसाद नैथानी, एकेमैखुरी, गणेश गोदियाल, शैलारानी रावत, सुबोध उनियाल, जीतराम आर्य, राजेंद्र भंडारी, सुंदरलाल मंद्रवाल थे।
इन सब विधयकों के साथ मिलकर उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए योजनाएं भी तैयार की थीं। उन्होंने लोकसभा में उत्तराखंड की आपदा का मुद्दा उठाया था।
आपदा के दौरान उनके दोनों बेटों ने मौके पर पहुंचकर लोगों की सहायता की थी।
महाराज अब 26 मार्च को आएंगे देहरादून
महाराज का कहना है कि हरीश रावत बताएं कि जल संसाधन मंत्री रहते हुए उन्होंने उत्तराखंड की आपदा में राहत के लिए क्या किया। महाराज ने आपदा के दौरान अपने उत्तराखंड दौरे के फोटो भी जारी किए।
दूसरी ओर महाराज का इंतजार कर रहे उनके समर्थक भी रविवार को इंतजार करते रह गए। यह माना जा रहा था कि महाराज दून की ओर रुख कर रहे हैं। पर महाराज के नजदीकी लोगों के मुताबिक महाराज अब 26 मार्च को देहरादून आएंगे।
अमृता रावत जरूर सोमवार को दून पहुंच रही हैं। अमृता रावत के मंत्री पद छिनने की आशंकाएं भी जाहिर की जा रही हैं। हालांकि अमृता यह स्पष्ट कर चुकी हैं कि वे कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ रही हैं।
BJP में कई नेताओं में नाराजगी बरकरार
प्रदेश भाजपा प्रभारी राधा मोहन सिंह बिहार में अपने चुनाव में व्यस्त है, प्रदेश चुनाव प्रभारी उमा भारती भी भोपाल-झांसी के टिकट झगड़े में फंसी है।
इसी कारण से उत्तराखंड भाजपा में टिकट नहीं मिलने से रूठों को मनाने की कोशिश का बहुत सुखद परिणाम नहीं निकल सका। कौशिक के नाराज रहने और महाराज को भाजपा के हरिद्वार सीट से लड़ाने की चर्चाओं ने निशंक खेमे में खलबली मचा रखी है।
प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह, नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने मदन कौशिक के घर जाकर मनाने की कोशिश तो खूब की लेकिन बहुत कुछ बदलाव अभी तक नजर नहीं आया।
पार्टी की चिंता का इस बात से पता चल जाता है कि टिकट मिलने के बाद अप्रत्यक्ष रूप से कौशिक को भला बुरा कहने वाले पार्टी प्रत्याशी डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक को भी कौशिक के घर जाना पड़ा।
निशंक ने काफी मान मनौव्वल की लेकिन कौशिक की तल्खी और गुस्सा बरकरार है। टिकट नहीं मिलने से नाराज कौशिक की कांग्रेस के टिकट पर हरिद्वार से ही चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर अभी भी ब्रेक नहीं लगना मामले को ज्यादा गंभीर बना देता है।
प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत, विधायक हरबंश कपूर व मालचंद समेत कई नेताओं ने दो दिन पहले मुन्ना सिंह चौहान के आवास पर जाकर नाराजगी दूर करने की कोशिश तो खूब की लेकिन यहां भी स्थिति हरिद्वार जैसी ही बनी हुई है।
यदि मुन्ना नहीं माने तो माला राज्य लक्ष्मी शाह को टिहरी में एक बड़े क्षेत्र में परेशानी झेलनी पड़ सकती है। नैनीताल में टिकट को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री बची सिंह रावत की नाराजगी तो बरकरार है।
लेकिन भगत सिंह कोश्यारी को बचदा के चुनाव तक नैनीताल संसदीय क्षेत्र में नहीं आने से राहत भी मिली है। हालांकि अल्मोड़ा की स्थिति भी संवेदनशील बनी हुई है।
यहां भी पार्टी छोड़ चुके सज्जनलाल टम्टा व टिकट से महरूम रही रेखा आर्य भाजपा प्रत्याशी की राह रोकने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे।