एनएडी में पूरा डाटा आने के बाद उन्हें इससे मुक्ति मिल जाएगी। यहां दस्तावेजों का सत्यापन भी आसान हो जाएगा, जिससे फर्जी प्रमाणपत्रों पर भी रोक लग जाएगी। कार्यशाला में बताया गया कि डिजिलॉकर और एनएडी में सभी काम 24 घंटे होते हैं। यहां किसी भी समय और कहीं से भी दस्तावेज देखे जा सकते हैं। उत्तराखंड के नौ विभागों के 84 दस्तावेज को जल्द ही डिजिलॉकर में उपलब्ध कराने की कवायद भी शुरू हो चुकी है। आईटीडीए के निदेशक अमित सिन्हा ने बताया कि इस दिशा में सभी विभागों को जागरूक किया जा रहा है। इसके तहत राजस्व विभाग के स्थायी निवास प्रमाणपत्र, चरित्र प्रमाणपत्र, हैसियत प्रमाणपत्र से लेकर पंचायतीराज विभाग, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, शहरी विकास निदेशालय, ऊर्जा विभाग, समाज कल्याण विभाग, मत्स्य विभाग, पेयजल विभाग और श्रम विभाग के दस्तावेज डिजिलॉकर में उपलब्ध कराए जाएंगे। कार्यशाला में आलोक तोमर, दुर्गादास प्रसाद और संबंधित विभागों के अधिकारी व विशेषज्ञ मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें...चेन लुटेरों ने उड़ाया शहर का चैन: चार घंटे तक सड़कों पर जमकर बरपाया कहर, एक के बाद एक महिलाओं को बनाया निशाना