धर्म संसद में भड़काऊ भाषण मामले में गठित एसआईटी टीम की मंगलवार को बैठक नहीं हो सकी। बुधवार को बैठक होगी और उसमें वायरल वीडियो एवं अन्य तथ्यों के आधार पर जांच प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विवेचना पुलिस कार्यालय में तैनात निरीक्षक मनीष उपाध्याय करेंगे। जबकि थानों में तैनात दो दरोगा मनोज नौटियाल और मनोज ममगाईं विवेचना करने में उनकी मदद करेंगे।
वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी आरोपी
खड़खड़ी स्थित वेद निकेतन में तीन दिवसीय धर्म संसद की भड़काऊ भाषण वीडियो वायरल होने के बाद नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ है। मामले में सबसे पहले उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी को आरोपी बनाया गया था।
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इसके बाद पुलिस ने जब मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की तो पहले से दर्ज हुए मुकदमे में चार संतों के नाम और बढ़ाए गए। इसके साथ ही इस मामले शुरू की गई। मामले की जांच अब नगर कोतवाली पुलिस से हटाकर एसआईटी को दी जाएगी। जिसके लिए टीम का गठन भी कर दिया गया है।
एसपी देहात देहरादून कमलेश उपाध्याय एसआईटी टीम की अध्यक्ष हैं। वहीं टीम में एएसपी ज्वालापुर रेखा यादव पुलिस कार्यालय में तैनात निरीक्षक मनीष उपाध्याय, थानों में तैनात दो एसआई मनोज नौटियाल और मनोज ममगाईं भी हैं। मंगलवार को टीम की बैठक होनी थी। मगर मामले की विवेचना करने वाले विवेचक मनीष उपाध्याय के देहरादून चले जाने के कारण बैठक नहीं हो पाई। एएसपी ज्वालापुर रेखा यादव ने बताया कि बैठक बुधवार को होगी। जिसके बाद विवेचना शुरू कर दी जाएगी।